KailashMansarovarYatra : कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने से पहले जान लें यह टिप्स:- कैलाश मानसरोवर यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि तैयारी और सहनशक्ति की परीक्षा भी मानी जाती है. यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को 5000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों से गुजरना पड़ता है.कैलाश मानसरोवर यात्रा को दुनिया की सबसे कठिन और पवित्र धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है. हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन धर्म के अनुयायियों के लिए यह यात्रा बहुत खास मानी जाती है. तिब्बती क्षेत्र में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील तक पहुंचना आध्यात्मिक अनुभव तो देता है, लेकिन यह यात्रा फिजिकल और मानसिक रूप से भी काफी चुनौतीपूर्ण होती है।
ऐसे में कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने से पहले कुछ तैयारियां बहुत जरूरी होती है नहीं तो यात्रा के दौरान कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ सकती है. दरअसल कैलाश मानसरोवर यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि तैयारी और सहनशक्ति की परीक्षा भी मानी जाती है. यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को 5000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों से गुजरना पड़ता है।
यहां ऑक्सीजन का स्तर कम होता है, जिससे कई लोगों को सांस लेने में परेशानी, सिर दर्द और ऊंचाई से जुड़ी दिक्कतें हो सकती है. इसके अलावा रास्ता काफी कठिन और मौसम बहुत अनिश्चित होता है. कई जगह पर तेज हवाएं, बर्फबारी और अचानक तापमान गिरने जैसी स्थितियां भी सामने आती है।
वहीं कैलाश यात्रा पर जाने से पहले पूरी बॉडी का हेल्थ चेकअप जरूर करवाना चाहिए. खासतौर पर दिल, ब्लड प्रेशर, शुगर और सांस से जुड़ी बीमारियों वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना यात्रा नहीं करनी चाहिए।
यात्रा से पहले रोजाना वॉक, हल्की दौड़ और एक्सरसाइज करने से शरीर की सहनशक्ति बढ़ती है. एक्सपर्ट भी सलाह देते हैं की यात्रा शुरू होने से कुछ महीने पहले से फिटनेस पर ध्यान देना जरूरी है. कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए मई से जून के बीच का समय सबसे बेहतर माना जाता है. इस दौरान मौसम साफ और तापमान नॉर्मल रहता है, हालांकि जुलाई से सितंबर के बीच मानसून के कारण कई रास्तों पर दिक्कत बढ़ सकती है।
वहीं नवंबर से अप्रैल तक भारी बर्फबारी और ठंड के चलते यात्रा करना काफी मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए वैध पासपोर्ट, वीजा और सरकारी अनुमति जरूरी होती है. यात्रा का रास्ता तिब्बत से होकर गुजरता है, इसलिए यात्रियों को चीन ग्रुप वीजा और तिब्बत ट्रैवल परमिट की जरूरत पड़ती है।
यात्रा के लिए आवेदन प्रक्रिया में समय लग सकता है, इसलिए सभी जरूरी डॉक्यूमेंट पहले से तैयार रखना जरूरी है. अधिकतर लोग अधिकृत एजेंसियों या सरकारी यात्रा कार्यक्रमों के जरिए ही यात्रा की बुकिंग करवाते हैं।
कैलाश यात्रा के दौरान मौसम कभी भी बदल सकता है. इसलिए सामान सोच-समझकर पैक करना जरूरी है. यात्रियों को गर्म कपड़े, थर्मल, वियर, वॉटरप्रूफ जैकेट और मजबूत ट्रैकिंग शूज साथ रखना चाहिए. सनस्क्रीन, सनग्लासेस, टोपी, ग्लव्स भी जरूरी माने जाते हैं, क्योंकि ऊंचाई वाले इलाकों में धूप और ठंडी हवा दोनों का असर ज्यादा होता है।
यात्रा पर जाते समय मेडिकल किट भी जरूर साथ रखें. किट में ऊंचाई पर होने वाली दिक्कतों, डिहाइड्रेशन, बुखार, बॉडी पेन और नॉर्मल चोटों की दवाइयां शामिल होनी चाहिए. इसके साथ ही एनर्जी बार, सूखे मेवे और पानी शुद्ध करने वाली टेबलेट भी साथ रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि कई इलाकों में सुविधा सीमित होती है।
