अक्टूबर से श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे सभी मंदिर, दिवाली पर अयोध्या में फिर बसेगा ‘राम राज्य’ :- श्रीराम जन्मभूमि परिसर में दिवाली से पहले श्रद्धालुओं के लिए एक और शुभ समाचार है। राम मंदिर समेत परिसर के अन्य प्रमुख मंदिरों को अक्टूबर के मध्य से आम जनता के दर्शन हेतु खोलने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि 15 अक्तूबर के बाद श्रद्धालु सप्त मंडपम, परकोटा और कुबेर टीला जैसे प्रमुख स्थलों के भी दर्शन कर सकेंगे।
परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। वृद्धों और दिव्यांगों के लिए लिफ्ट की सुविधा सितंबर के अंत तक पूरी कर दी जाएगी। इसके साथ ही परकोटा के बाहर विशाल शू रैक भवन तैयार हो चुका है, जिसमें एक साथ 12,000 जोड़ी जूते-चप्पल रखे जा सकेंगे। इससे श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूरे परिसर का भ्रमण कर सकेंगे।
कुबेर टीला तक श्रद्धालुओं की सुगम पहुंच के लिए सड़क निर्माण का कार्य भी तेज गति से चल रहा है। मंदिर प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले पर्वों तक सभी निर्माण कार्य पूरे कर श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और दिव्य अनुभव दिया जा सके।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद एक और ऐतिहासिक आयोजन की तैयारी चल रही है। नवंबर में राम मंदिर परिसर में भव्य ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा। चंपत राय के अनुसार, यह कार्यक्रम 22 जनवरी 2024 को हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह की पुनरावृत्ति नहीं होगा, बल्कि अयोध्या और आसपास के 20–25 जिलों को केंद्र में रखते हुए एक नया ऐतिहासिक आयोजन होगा। इस समारोह को खास बनाने के लिए विशेष अतिथियों की सूची भी तैयार की जा रही है।
इन तैयारियों के साथ अयोध्या एक बार फिर राम भक्ति के रंग में रंगने को तैयार है। दिवाली से पहले मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलने से न केवल आध्यात्मिक आनंद मिलेगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया बल मिलेगा। राम जन्मभूमि परिसर एक बार फिर भक्ति, भव्यता और भारतीय सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनने जा रहा है।
