Sleepinghabits : सोते समय रजाई से एक पैर बाहर क्यों करना जरुरी ? :- नींद हमारे शरीर की सबसे जरूरी जरूरतों में से एक है. अक्सर आपने खुद को या किसी और को सोते समय देखा होगा कि पूरा शरीर रजाई या कंबल में होता है. लेकिन, एक पैर बाहर निकल जाता है. हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर लोगों के साथ ऐसा बिना सोचे-समझे होता है. कई लोग इसे बस आदत मानते हैं, जबकि इसके पीछे विज्ञान, शरीर की संरचना और दिमाग के काम करने का तरीका छिपा है।
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नींद के दौरान शरीर का तापमान, दिमाग की आराम अवस्था और हमारे आस-पास का माहौल ये सब मिलकर तय करते हैं कि हमें किस पॉजीशन में सबसे आराम मिलता है. इसलिए एक पैर बाहर रखना कोई अजीब बात नहीं, बल्कि शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।
सोते समय क्यों एक पैर बाहर रखते हैं लोग?
1. शरीर के तापमान को कंट्रोल करने का तरीका :- नींद के दौरान शरीर अपना तापमान थोड़ा कम करता है, ताकि दिमाग को गहरी नींद मिल सके. रजाई या कंबल पूरा शरीर ढकने पर गर्मी बढ़ जाती है. ऐसे में शरीर को हल्की ठंडक चाहिए होती है और पैर बाहर निकालना एक आसान तरीका है. पैरों में खून की नलियां सतह के करीब होती हैं, जिससे गर्मी जल्दी निकलती है और शरीर ठंडा होकर आरामदायक महसूस करता है।
2. दिमाग को मिलने वाला सिग्नल :- जब पैर को बाहर निकालकर थोड़ी ठंडक मिलती है, तो दिमाग को संकेत मिलता है कि अब शरीर आराम में है और नींद गहरी हो सकती है. इसे थर्मोरेगुलेशन कहा जाता है यानी नींद के समय शरीर खुद को सही तापमान पर सेट करता है।
3. बेचैनी और तनाव कम करने में मदद :- कुछ लोगों का दिमाग सोते समय ज्यादा एक्टिव रहता है. वे करवटें बदलते रहते हैं और आरामदायक पोजीशन नहीं मिलती. एक पैर बाहर निकालने से उन्हें हल्का रिलैक्स महसूस होता है, जिससे बेचैनी कम होती है और नींद जल्दी आती है।
4. गर्म कमरे में सोने वाले लोग ज्यादा करते हैं ऐसा :- एसी बंद हो, पंखा धीमा चले या कमरे में ज्यादा गर्मी हो, ऐसे माहौल में पैर बाहर रखना लगभग स्वाभाविक है. शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए यही तरीका अपनाता है।
5. मनोवैज्ञानिक रूप से भी देता है सुरक्षा का एहसास :- हालांकि यह कारण कमजोर लोगों में ज्यादा देखा गया है, लेकिन कई बार एक पैर अंदर और एक बाहर रखना दिमाग को संतुलन का एहसास देता है, न पूरी ठंड, न पूरी गर्मी. इससे सोने में आसानी होती है. एक पैर बाहर रखकर सोना कोई अजीब आदत नहीं, बल्कि शरीर का अपने तापमान और आराम को संतुलित करने का शारीरिक और मानसिक तरीका है. अगर यह आदत आपको अच्छी नींद दिलाती है, तो इसे बदलने की जरूरत भी नहीं है।
