Close Menu
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

WomenReservation : भारत में लागू हुआ 33% महिला आरक्षण कानून

April 17, 2026

AIUserTracking : आपकी पोस्ट से आपका पता लगा सकती है एआई

April 17, 2026

DigitalSecurityTips : WhatsApp पर भरोसा खतरे से खाली नहीं

April 17, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Narad Post News
Youtube Login
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • देश
  • विदेश
  • यूथ
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
Narad Post News
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • सामाजिक
  • देश
  • विदेश
Home » KumbhRegion : कुंभ क्षेत्र को ‘हिंदू क्षेत्र’ घोषित करने की मांग
उत्तराखंड

KumbhRegion : कुंभ क्षेत्र को ‘हिंदू क्षेत्र’ घोषित करने की मांग

Proposal submitted to the government.
Narad PostBy Narad PostJanuary 8, 2026Updated:January 8, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp VKontakte Email
KumbhRegion
KumbhRegion : कुंभ क्षेत्र को ‘हिंदू क्षेत्र’ घोषित करने की मांग
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
खबर को सुनें

KumbhRegion : कुंभ क्षेत्र को ‘हिंदू क्षेत्र’ घोषित करने की मांग :-  उत्तराखंड में प्रस्तावित अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार और ऋषिकेश को पवित्र नगरी घोषित किए जाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इसके साथ ही इन दोनों तीर्थ नगरों में स्थित लगभग 105 गंगा घाटों पर पूर्व में लागू रही धार्मिक व्यवस्थाओं को दोबारा लागू करने की मांग भी तेज हो गई है।

प्रस्ताव के तहत हर की पैड़ी की तर्ज पर इन घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने पर विचार किया जा रहा है।सूत्रों के अनुसार, भविष्य में पूरे कुंभ क्षेत्र में यह व्यवस्था लागू कर उसे ‘सनातन पवित्र नगरी’ का स्वरूप देने का प्रस्ताव भी सामने आया है, जिस पर राज्य की धामी सरकार गंभीरता से मंथन कर रही है।

खाली पेट पपीता खाने के फायदे
हरिद्वार स्थित श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि यह मांग कोई नई नहीं है। उन्होंने बताया कि करीब एक सदी पहले ब्रिटिश शासन के दौरान जब हरिद्वार का योजनाबद्ध विकास किया गया था, तब नगर की व्यवस्था स्थानीय धार्मिक परंपराओं और समाज की सहभागिता को ध्यान में रखकर तय की गई थीं।

उसी समय गंगा घाटों की पवित्रता बनाए रखने के लिए विशेष नियम बनाए गए थे।नितिन गौतम का कहना है कि यदि उस दौर में ऐसी व्यवस्थाओं की आवश्यकता महसूस की गई थी, तो वर्तमान समय में इसकी जरूरत कहीं अधिक बढ़ गई है। आज धार्मिक स्थलों और आस्था से जुड़े आयोजनों को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं, ऐसे में स्पष्ट और कठोर नियम बनाना जरूरी हो गया है।

श्री गंगा सभा के अनुसार, पहले हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होती थी, लेकिन अब कुंभ और प्रमुख धार्मिक आयोजनों के दौरान करोड़ों श्रद्धालु गंगा तट पर पहुंचते हैं। इतनी विशाल भीड़ को देखते हुए बड़े संरक्षित क्षेत्र, घाटों की सुरक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों की सुव्यवस्थित व्यवस्था बेहद जरूरी हो गई है। इसी कारण पूरे कुंभ क्षेत्र को ‘हिंदू क्षेत्र’ घोषित कर धार्मिक परंपराओं को संरक्षित करने की मांग उठ रही है।

सरकार को सौंपा गया प्रस्ताव

हाल ही में अवैध धार्मिक ढांचों और अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई को उन्होंने सकारात्मक कदम बताया। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि गंगा घाटों से जुड़ा यह प्रस्ताव भी सरकार आगे बढ़ाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के बावजूद कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते उनका उल्लंघन करते हैं और अवैध कॉलोनियों का निर्माण करते हैं, जिन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।

सरसों का तेल और लहसुन के फायदे

हर की पैड़ी पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक का ऐतिहासिक आधार वर्ष 1916 के समझौते और 1935 के हरिद्वार म्युनिसिपल अधिनियम से जुड़ा है। पंडित मदन मोहन मालवीय के प्रयासों से ब्रिटिश सरकार ने हरिद्वार नगर पालिका अधिनियम 1916 के तहत घाटों की पवित्रता सुनिश्चित करने के प्रावधान शामिल किए थे।

बाद में 1935 के हरिद्वार नगर अधिनियम ने इन नियमों को और मजबूत किया, जिसमें गंगा की अविरल धारा और तीर्थ नगरी की पवित्रता बनाए रखने से जुड़े स्पष्ट प्रावधान दर्ज थे।

इन नियमों में शामिल था

गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं का प्रवेश निषेध
नगर क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के रात्रि प्रवास पर प्रतिबंध
तीर्थ क्षेत्र में स्थायी बसावट पर रोक
अर्धकुंभ को लेकर बढ़ी हलचल

इसी क्रम में 105 गंगा घाटों का सर्वे कराया गया है और उनके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो हरिद्वार और ऋषिकेश को आधिकारिक रूप से ‘पवित्र नगरी’ का दर्जा मिल सकता है।

इसके साथ ही घाटों पर कड़े नियम, रात्रि प्रवास और आचरण को लेकर नई गाइडलाइंस लागू होंगी। 2027 के अर्धकुंभ से पहले यह फैसला सरकार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

#haridwar #HarKiPauri #SanatanTradition #TempleTown ArdhKumbh2027 DevbhoomiAlert GangaGhats haridwarnews HinduArea HinduFaith IndianCulture khojinarad KumbhRegion naradpost naradpostbreakingnews ReligiousRules RishikeshPilgrimage SpiritualCity uttarakhand UttarakhandGovernment
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email
Previous ArticleUttarakhandHealthMission : पर्वतीय जिलों को मिली विशेषज्ञ चिकित्सकों की सौगात
Next Article childmobileaddiction : ज्यादा मोबाइल देखने से बच्चे की मौत !
Narad Post

Related Posts

WomenReservation : भारत में लागू हुआ 33% महिला आरक्षण कानून

April 17, 2026

AIUserTracking : आपकी पोस्ट से आपका पता लगा सकती है एआई

April 17, 2026

DigitalSecurityTips : WhatsApp पर भरोसा खतरे से खाली नहीं

April 17, 2026

BadrinathDham : कितनी चाबी से खुलते हैं बद्रीनाथ धाम के कपाट ?

April 17, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

Advt.
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1-1.mp4
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1-1.mp4
//

“Narad Post” निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
Don't Miss
देश

WomenReservation : भारत में लागू हुआ 33% महिला आरक्षण कानून

By Narad PostApril 17, 20260

WomenReservation :  भारत में लागू हुआ 33% महिला आरक्षण कानून :-  देश में महिलाओं की…

AIUserTracking : आपकी पोस्ट से आपका पता लगा सकती है एआई

April 17, 2026

DigitalSecurityTips : WhatsApp पर भरोसा खतरे से खाली नहीं

April 17, 2026

BadrinathDham : कितनी चाबी से खुलते हैं बद्रीनाथ धाम के कपाट ?

April 17, 2026
Contact:

Ananya Sahgal, Editor
Address: 75A, Friends Plaza Rajpur Road Dehradun Uttarakhand
Phone: +918218446859
Email: naradpostuk@gmail.com

About Us
About Us

"Narad Post" निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो
© 2026 Developed By: Tech Yard Labs.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?