CDOArvindPandey : हवाई चप्पल में ही आपदा पीड़ितों के बीच पहुंचे सीडीओ अरविन्द पांडे :- बीते कुछ दिनों से उत्तराखंड में आसमानी आफत ने जनजीवन को बेहद परेशान कर रखा है। नदियों में उफान है तो भूस्खलन , बाढ़ और भारी बारिश से भस्त मकानों में लोग परेशान हैं। ऐसे में उत्तराखंड के कोने कोने से ऎसी तस्वीरें आ रही है जिसमें बारिश की विभीषिका और रौद्र रूप का असर दिखाई दे रहा है।
नैनीताल से भी ऎसी ही प्राकृतिक आपदा , भूस्खल और सड़कों पर संकट का असर दिखा है जहाँ खुद मंत्री और अफसर लोगों के बीच राहत और तसल्ली देते दिखाई दिए। सीडीओ नैनीताल अरविन्द कुमार पांडेय तो हवाई चप्पल पहने नदियों के बीच से होते हुए प्रभावित ग्रामीणों तक पहुँचते दिखे तो इन पीड़ितों को भी लगा कि उनको प्रशासनिक राहत जल्द मिल जाएगी।
आपको बता दें कि भीमताल विधानसभा क्षेत्रों के, चाफी, अलचौना, भीमताल, कुवाताल आदि क्षेत्रों का मंत्री राम सिंह कैड़ा और मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने आपदा से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क मार्गों की स्थिति का जायजा लिया तथा आपदा प्रबंधन के लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने को कहा ।
उन्होंने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। कैविनेट मंत्री कैड़ा ने कहा कि आपदा से कई ग्रामीणों के मकान धवस्थ हुए है कई मकानों को खतरा बना हुआ है । निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे बीडीओ भीमताल ,तहसीलदार, एक्सियन इरिगेशन एवं एक्सियन पीडब्ल्यूडी, डीएसओ सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक तथा विभागों के अधिकारी कर्मचारी भी मौजूद रहे।
सीडीओ किया आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल अरविन्द कुमार पाण्डे ने भीमताल विधानसभा क्षेत्र के आपदा से क्षतिग्रस्त आवासीय भवनों, मोटर मार्गों, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया तथा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। संबंधित अधिकारियों को क्षति का शीघ्र आकलन कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने तथा क्षतिग्रस्त मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश दिए गए।
भीमताल में नाले के तेज बहाव की चपेट में आने से मृत बालिका के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की गई तथा परिजनों को आपदा मद से ₹4 लाख की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया।निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
