Congress : 14 की भाजपा की बैठक – 16 को कांग्रेस का घेराव :- उत्तराखंड की गरम होती वादियों में सियासी पारा भी अब गर्माने लगा है। आरोपों , घोषणाओं और सत्ता संग्राम के लिए 2027 की तैयारी में बीजेपी और कांग्रेस ने अपने वार करने शुरू कर दिए हैं।
एक तरफ सत्ताधारी बीजेपी है, जो जेपी नड्डा की मौजूदगी में विधायकों का बहीखाता यानी उनका रिपोर्ट कार्ड लेकर क्लास लगाने वाले है, तो दूसरी तरफ दिल्ली से ऊर्जा लेकर लौटी कांग्रेस ने वो ‘एक्शन प्लान’ बनाया है जिससे धामी सरकार को घेरा जा सके।
चॉकलेट खाने के बेमिसाल फायदे
आगामी 14 फरवरी को पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में बीजेपी कोर कमेटी की एक महाबैठक होने जा रही है। खबर है कि इस बैठक की मेज पर विधायकों की ‘सर्वे रिपोर्ट’ होगी।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने साफ कर दिया है कि 2027 में टिकट का एकमात्र आधार ‘जीत की संभावना’ होगा। पार्टी ने चार अलग-अलग सर्वे कराए हैं, जिनमें से पहले सर्वे की रिपोर्ट विधायकों की धड़कनें बढ़ाने वाली है।
जहां बीजेपी सर्वे और संगठन के दम पर घेराबंदी कर रही है, वहीं कांग्रेस अब ‘फुल थ्रॉटल’ मोड में है। दिल्ली दरबार में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात के बाद प्रदेश कांग्रेस एक 90 दिन का मास्टर प्लान लेकर मैदान में उतरी है।
इस प्लान के तहत भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा। रणनीति की कमान खुद गणेश गोदियाल संभाले हुए हैं, जो गांव-गांव जाकर जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं।
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इस आंदोलन की पहली बड़ी झलक 16 फरवरी को दिखेगी, जब प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस राजभवन का घेराव करेगी।
दिलचस्प बात यह है कि जहां कांग्रेस आंदोलन की तैयारी कर रही है, वहीं बीजेपी ने उसके कुनबे में ही सेंध लगा दी है। महिला कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री रेणु नेगी समेत पौड़ी, चमोली और उत्तरकाशी के सैकड़ों प्रधानों और ब्लॉक प्रमुखों ने बीजेपी का हाथ थाम लिया है।
यानी एक तरफ कांग्रेस 90 दिन का प्लान बना रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी उसके आधार को ही ढहाने में जुटी है। अब 14 फरवरी की बैठक और 16 फरवरी का घेराव यह तय करेगा कि मिशन 2027 का पलड़ा किस ओर झुकेगा।
