UttarakhandDigitalMapping : सड़कों के आसपास अतिक्रमण रोकेगा डिजिटल मैपिंग :- उत्तराखंड में सड़कों के किनारे अनाधिकृत निर्माण और अतिक्रमण एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जो न केवल यातायात को बाधित करती है बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का कारण भी बनती है। खासतौर पर राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के आसपास अवैध रूप से बनी छोटी-बड़ी दुकानों और निर्माण कार्यों पर नियंत्रण के लिए अब राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।
हालांकि सड़कों के संरक्षण के लिए उत्तराखंड सड़क अवसंरचना संरक्षण अधिनियम, 2014 लागू है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) अब पब्लिक एसेट्स नियमावली के तहत प्रदेश की सभी सड़कों का व्यापक सर्वे और डिजिटल मैपिंग करा रहा है, ताकि विभागीय संपत्तियों को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जा सके।
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राज्य सरकार स्टेट हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों तक पूरे सड़क नेटवर्क की डिजिटल मैपिंग पर जोर दे रही है। इससे न केवल सड़कों के किनारे हो रहे अवैध अतिक्रमण पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी, बल्कि सड़कों की वास्तविक स्थिति, चौड़ाई और सीमाएं भी सटीक रूप से दर्ज हो सकेंगी।
इसके साथ ही सड़क रखरखाव, मरम्मत और नई परियोजनाओं की योजना प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो जाएगी।कुछ समय पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सार्वजनिक संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद अब लोक निर्माण विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे ने बताया कि रोडसाइड कंट्रोल एक्ट पहले से लागू है और इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी के लिए पब्लिक एसेट्स एक्ट की नियमावली भी जारी की जा चुकी है।
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इसके तहत प्रदेश की सभी सड़कों स्टेट हाईवे से लेकर ग्रामीण मार्गों तक—की चरणबद्ध डिजिटल मैपिंग की जाएगी।डिजिटल मैपिंग के बाद सड़क या उसके आसपास किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को आसानी से चिन्हित किया जा सकेगा। ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमण हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पहले ही सभी जिलाधिकारियों को भेजे जा चुके हैं। पीडब्ल्यूडी की सार्वजनिक संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में पहले स्थल को चिन्हित किया जाएगा, फिर संबंधित व्यक्ति से बातचीत कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया जाएगा।
यदि इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है, तो नोटिस जारी कर सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जिलों में स्टेट हाईवे की डिजिटल मैपिंग का कार्य जारी है।
इसके पूरा होने के बाद ग्रामीण सड़कों की मैपिंग की जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों पर हुए अतिक्रमण को भी रिकॉर्ड किया जा रहा है, ताकि भविष्य में सख्त और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
