MosquitoesFindHumansDark : अंधेरे में इंसान को कैसे ढूंढ लेते हैं मच्छर ? :- कमरा कितना भी बड़ा हो या किसी खुली जगह पर सो रहे हों, मच्छर इंसान को ढूंढ ही लेता है. मच्छर इंसान की लोकेशन का पता कैसे लगा लेता है, यह सवाल कई बार जेहन में आता है तो इसका साइंस समझने की जरूरत है. मच्छरों के इंसान तक पहुंचने में कई चीजें मदद करती हैं. अंधेरे में भी मच्छर कान तक पहुंचकर भिनभनाते हैं।
विज्ञान कहता है कि इसके पीछे कार्बन डाई ऑक्साइड, शरीर की गर्मी और गंध है.यह सबकुछ कैसे होता है, इसे आसान भाषा में समझते हैं. विज्ञान कहता है कि इंसान के शरीर से निकलने वाली कार्बन डाई ऑक्साइड मच्छर के लिए सिग्नल की तरह होती है, जिसके कारण वह इंसान की तरफ खींचे चले जाते हैं।
कार्बन डाई ऑक्साइड: इंसान जब सांस लेता है तो ऑक्सीजन शरीर में पहुंचती है और वो कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ता है. मच्छर इस गैस के प्रति सेंसिटिव होते हैं. ये इस कदर कार्बन डाई ऑक्साइड की तरफ आकर्षित होते हैं कि इसे ट्रैक करते हुए इंसान तक पहुंच जाते हैं. यही इंसान को ढूंढने के लिए पहला सिग्नल साबित होता है.इंसान के शरीर से आने वाली गंध भी मच्छरों के लिए जीपीएस की तरह होती है।
इंसान की गर्मी: दूसरा बड़ा फैक्टर है गर्मी. मच्छरों में यह खूबी होती है कि वो इंसान के शरीर की गर्मी से उनकी पहचान कर लेता है. इनके पास खास तरह के सेंसर होते हैं. इंसान का शरीर गर्मी रिलीज करता है, फिर चाहें वो अंधेरे में हो या उजाले में. मच्छर गर्मी वाले हिस्से को ढूंढने में माहिर होते हैं फिर चाहें इंसान के आसपास अंधेरा हो या नहीं. इंसान के शरीर से निकलने वाली यही गर्मी मच्छर के लिए हीट मैप साबित होती है।
तरह-तरह की गंध: इंसान के शरीर से आने वाली गंध भी मच्छरों के लिए जीपीएस की तरह होती है, जिसके सहारे वाले इंसान को काटने के लिए पहुंच जाते हैं. इंसान की स्किन कई तरह के केमिकल की गंध छोड़ती है, जिसे मच्छर पसंद करते हैं. जैसे- लैक्टिक एसिड, आमोनिया. हर इंसान के शरीर से अलग-अलग तरह की गंध आती है।
कुछ लोगों को मच्छर ज्यादा क्यों काटते हैं?
मच्छर हर इंसान को नहीं बराबर से नहीं काटता. यह कुछ खास तरह की शारीरिक गंध की तरफ ज्यादा आकर्षित होता है. यही वजह है कि कुछ लोगों को मच्छर अधिक और कुछ को कम काटते हैं. यह निर्भर करता है कि मच्छरों को किसके शरीर की गंध पसंद आ रही है. पसीना और गंध मिलकर उस स्थिति को तैयार करते हैं. इससे भी तय होता है कि मच्छर करीब आएगा या नहीं।
मच्छर रात में क्यों एक्टिव हो जाते हैं ?
कई रिसर्च में भी यह साबित हुआ है मच्छर सबसे ज्यादा रात में एक्टिव रहते हैं, ऐसा उनकी बायोलॉजिकल क्लॉक के कारण होता है. जैसे इंसान दिन में सक्रिय रहता है वैसे ही मच्छर रात में. ये इंसान को उस समय काटना पसंद करते हैं जब इंसान आराम कर रहा होता है क्योंकि इंसान का मूवमेंट कम होने के कारण उन्हें काटना आसान होता है।
मादा मच्छर ही काटती है
इंसान को काटने का काम मादा मच्छर करती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मादा मच्छर को शरीर में अंडे बनाने में प्रोटीन की जरूरत होती है और वो प्रोटीन उसे इंसान के खून से मिलता है. मच्छर के मुंह में एक सुई जैसा हिस्सा होता है जिसे इंसान की स्किन में चुभोती है और खून पीती है. मच्छर अपनी लार को इंसान के शरीर में छोड़ती है और यही खुजली और बीमारी की वजह बनता है।
