CharDhamYatra2026 : यमुनोत्री पैदल मार्ग पर इस बार नई SOP, जरूर पढ़ें :- इस वर्ष चारधाम यात्रा 2026 के दौरान यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और पशु कल्याण के लिए एसओपी तैयार करने का फैसला किया है, इसके तहत घोड़ा-खच्चरों की स्वास्थ्य देखभाल, मार्ग में चारा-पानी की व्यवस्था और शाम छह बजे के बाद संचालन पर पूर्ण रोक जैसी विशेष व्यवस्था लागू की जाएंगी।
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डीएम प्रशांत आर्य ने जिला पंचायत और पशुपालन विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे संयुक्त रूप से एसओपी तैयार करें और पैदल मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों को लागू करें। विशेष ध्यान पशु क्रूरता रोकने पर रखा जाएगा, ताकि पिछले वर्षों में जानवरों पर अत्यधिक बोझ डालने के कारण होने वाली मौतों को रोका जा सके।
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यमुनोत्री पैदल मार्ग पर हर वर्ष 3500 से 4000 घोड़े-खच्चरों का संचालन यात्रियों को धाम ले जाने और लाने के लिए किया जाता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अत्यधिक कार्य या बोझ डालने वाले संचालकों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
एसओपी के अनुसार:
मार्ग में नियमित गर्म पानी और चारा की व्यवस्था होगी।
किसी घोड़े-खच्चर की मृत्यु होने पर उसे नियत स्थान पर दफनाया जाएगा।
एक समय में अधिकतम 600 घोड़े-खच्चरों को ट्रैक पर भेजा जाएगा, जिनमें से 100 जानकीचट्टी लौटने के बाद ही अन्य धाम तक जाएंगे।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एचएस बिष्ट ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार यह कदम यात्रियों और पशुओं दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
