SaurabhBahuguna : मंत्री सौरभ बहुगुणा की लीडरशिप में ट्राउट फार्मिंग को शानदार सफलता :- उत्तराखंड के युवा कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के जिम्मे मत्स्य पालन विभाग है जिसको उन्होंने बीते सालों में बेहतरीन सफलता दिलाई है….. इसी कड़ी में सर्वोत्तम उत्तराखंड के विजन में उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य में ट्राउट फार्मिंग के सतत विकास हेतु मत्स्य विभाग, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत रूपये 170=00 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही “ट्राउट प्रोत्साहन योजना” के अंतर्गत सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के माध्यम से लाभ हस्तांतरण की नई प्रणाली की लॉन्चिंग की गयी।
पूरे भारत में फिशरीज सेक्टर अन्तर्गत CBDC के माध्यम से संचालित होने वाली यह पहली योजना हो गयी है। साथ ही मत्स्य विभाग, उत्तराखण्ड तथा नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लि० दिल्ली के मध्य राज्य में नमामि गंगे एक्वेरियम-कम-डिस्कवरी लर्निंग सेंटर परियोजना की डी०पी०आर० तैयार करने के लिए एम०ओ०यू० हस्ताक्षरित किया गया जिसकी अनुमानित लागत रु० 250-300 करोड़ होगी।
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विभागीय मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य में ट्राउट फार्मिंग क्षेत्र के अन्तर्गत विगत वर्षों में सराहनीय कार्य किये गये है जिसके फलस्वरूप राज्य में वर्ष 2020-21 के वार्षिक ट्राउट उत्पादन 148 मीट्रिक टन में 380 प्रतिशत वृद्धि के साथ अब बढ़कर 710 मेट्रिक टन हो गया है।
ट्राउट उत्पादन को बढ़ाने के साथ ही मछलियों के मार्केटिंग हेतु सरकार के प्रयासो से मछलियों की सप्लाई हेतु अनुबंध किया गया है एवं पिछले 15 महीनों में आई०टी०बी०पी० को 30.70 टन ट्राउट मछली की आपूर्ति की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री बहुगुणा के नेतृत्व में मत्स्य पालन विभाग द्वारा राज्य में ट्राउट फार्मिंग के सतत् विकास के लिये की गयी घोषणा के क्रम में मत्स्य विभाग के अन्तर्गत रूपये 170-00 करोड़ की लागत से “ट्राउट प्रोत्साहन योजना” प्रारम्भ की गयी है तथा योजना के माध्यम से इंटीग्रेटेड रेसवेज यूनिट, मिनी हैचरी, कोल्ड चेन डेवलपमेंट के कार्य किये जायेंगे तथा मत्स्य पालको को पांच वर्षों तक इनपुट एवं हैण्ड होल्डिंग सपोर्ट दिया जायेगा। यह योजना आने वाले वर्षों में राज्य अन्तर्गत ट्राउट फार्मिंग क्षेत्र को मजबूत करेगी तथा पर्वतीय क्षेत्रो में पलायन को कम करने हेतु भी कारगर सिद्ध होगी।
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सौरभ बहुगुणा बताते हैं कि अब तक हम प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँचाते थे एवं यह व्यवस्था बिचौलियों को हटाने और लीकेज कम करने में कारगर सिद्ध हुयी है।
इसी यात्रा को एक कदम आगे बढ़ाते हुए इस योजना के अन्तर्गत सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) की नई प्रणाली की व्यवस्था प्रारम्भ की गयी है। CBDC पूरी तरह सुरक्षित, भरोसेमंद और कानूनी मान्यता प्राप्त माध्यम है।
इस नई व्यवस्था के तहत योजना का लाभ सीधे लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में तुरंत, सटीक और बिना किसी देरी के पहुँच सकेगा। मंत्री द्वारा यह भी बताया कि यह पहल सरकार की डिजिटल राज्य, वित्तीय समावेशन और सुशासन के संकल्प को और सुदृढ़ करती है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदों के प्रगतिशील मत्स्य पालकों को पुरस्कृत किये जाने के साथ ही आपदा से हुये नुकसान के सापेक्ष बीमा राशि के चेक वितरित किये गये।
