ChineseManja : चाइनीज मांझा किस चीज से बनता है? टच करता नहीं और गला काट देता है, मकर संक्रांति पर बढ़ते खतरे की पूरी सच्चाई :- मकर संक्रांति का नाम आते ही देशभर में छतों पर पतंगें, आसमान में रंग और लोगों के चेहरों पर खुशी दिखने लगती है. लेकिन 2026 की मकर संक्रांति कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द छोड़ गई. दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना, भोपाल, इंदौर समेत कई शहरों से चाइनीज मांझे से गला कटने की खौफनाक घटनाएं सामने आईं।
पीरियड्स के दौरान इन बातों का रखे ध्यान
14 और 15 जनवरी के बीच ही 8 से ज्यादा लोगों की मौत की खबरें आईं. कई बच्चे और बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हुए. जो धागा हवा में लहराता दिखता है, वही अचानक मौत का फंदा बन गया।
यह सिर्फ हादसों की खबर नहीं है. यह एक चेतावनी है. एक सवाल है. एक जिम्मेदारी है. लोग इसे मामूली धागा समझते हैं. हाथ में लेने पर कुछ महसूस नहीं होता. लेकिन जैसे ही यह गले, उंगलियों या चेहरे से टकराता है, हालात बदल जाते हैं।
धमनियां कट जाती हैं, खून बहने लगता है. कई बार बचने का मौका तक नहीं मिलता. हर साल मकर संक्रांति पर यही कहानी दोहराई जाती है. कोर्ट बैन लगाते हैं, पुलिस मांझा जब्त करती है, फिर भी चाइनीज मांझा बाजार में लौट आता है।
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चाइनीज मांझा कोई साधारण सूत या धागा नहीं होता. यह खास तरीके से तैयार किया गया एक खतरनाक धागा है. इसका मकसद पतंग काटना होता है, लेकिन इसकी धार इंसानी शरीर के लिए जानलेवा बन जाती है. यही वजह है कि इसे कई जगह ‘उड़ता हुआ ब्लेड’ भी कहा जाता है।
चाइनीज मांझा किस चीज से बनता है
चाइनीज मांझा मुख्य रूप से कांच और धातु के बेहद बारीक पाउडर से बनता है. कांच को पहले पीसकर महीन पाउडर बनाया जाता है. इसके बाद इसमें एल्युमिनियम, स्टील या टंगस्टन कार्बाइड जैसे धातु के कण मिलाए जाते हैं।
ये कण माइक्रॉन लेवल के होते हैं, यानी इतने छोटे कि आंखों से साफ नजर भी नहीं आते. इस पाउडर को मजबूत गोंद या रेजिन में मिलाया जाता है. फिर नायलॉन या पॉलिएस्टर की पतली डोर को इस मिश्रण में डुबोकर सुखाया जाता है. कई बार सिलिकॉन या पॉलिमर भी मिलाया जाता है ताकि कण लंबे समय तक चिपके रहें।
