DelhiMissingPersons : दिल्ली से कहां गायब हो रहे बच्चे और महिलाएं ? ;- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लोगों के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही सामने आए आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं।
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दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जनवरी 2026 के पहले 27 दिनों में ही 807 लोग लापता हो चुके हैं। इनमें 500 से अधिक महिलाएं, 137 बच्चे और बड़ी संख्या में किशोर शामिल हैं।
औसतन हर दिन करीब 27 लोग दिल्ली से गायब हो रहे हैं, जिसने राजधानी की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लापता लोगों के आंकड़ों में महिलाओं और नाबालिगों की अधिक संख्या सबसे ज्यादा चिंता का विषय है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जनवरी के पहले पखवाड़े में ही 509 महिलाएं और 191 नाबालिग लापता दर्ज किए गए।
इनमें से बड़ी संख्या अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति केवल व्यक्तिगत मामलों तक सीमित नहीं, बल्कि इसके पीछे सामाजिक, आर्थिक और संगठित अपराध से जुड़े कारण भी हो सकते हैं।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि लापता मामलों में से कई लोग बाद में अपने परिजनों से संपर्क में आ जाते हैं या मिल जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद सैकड़ों मामले ऐसे हैं जो अनड्रेस्ड बने हुए हैं।
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पुलिस ZIPNET और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लापता व्यक्तियों का डेटा साझा कर रही है और विशेष टीमों को तलाश में लगाया गया है। हालांकि, बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि मौजूदा तंत्र नाकाफी साबित हो रहा है।
राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा गरमाने लगा है। विपक्षी दलों ने राजधानी में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। नेताओं का कहना है कि अगर देश की राजधानी में लोग इस तरह गायब हो रहे हैं, तो यह बेहद गंभीर स्थिति है और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।
गौरतलब है कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले एक दशक के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली में हर साल हजारों लोग लापता होते रहे हैं, जिनमें से बड़ी संख्या महिलाओं की है।
बावजूद इसके, लापता लोगों की बरामदगी और रोकथाम के लिए ठोस और दीर्घकालिक रणनीति की कमी साफ दिखाई देती है। मौजूदा हालात ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या देश की राजधानी अपने सबसे कमजोर वर्ग महिलाओं और बच्चों को पर्याप्त सुरक्षा दे पा रही है।
