DakshinamukhiNandi : शिव मंदिर में नंदी के मुख से निकलती जलधारा बनी रहस्य :- Dakshinamukhi Nandi Teertha: देश में अनगिनत रहस्यमयी और स्थापत्य चमत्कारों से भरे हुए मंदिर हैं. ऐसा ही एक मंदर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के मल्लेश्वरम क्षेत्र में स्थित है. यहां ‘दक्षिणामुख नंदी तीर्थ कल्याणी मंदिर’ है. यह मंदिर लगभग 400 साल पुराना बताया जाता है और यह अपनी अनूठी संरचना के लिए प्रसिद्ध है।
आमतौर पर, नंदी को गर्भगृह के सामने स्थापित किया जाता है, जहां भगवान शिव विराजमान होते हैं, लेकिन यहां की संरचना बिल्कुल अलग है. यही इस मंदिर का मुख्य आकर्षण है. बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में स्थित दक्षिणामुख नंदी तीर्थ कल्याणी मंदिर अपनी 400 साल पुरानी अनूठी संरचना और रहस्यमयी जलधारा के लिए प्रसिद्ध है. यहां नंदी के मुख से निरंतर बहने वाला जल सीधे शिवलिंग का अभिषेक करता है. इस जल को असाध्य रोगों का निवारण करने वाला औषधीय गुणधर्म से युक्त माना जाता है।
इस मंदिर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि नंदी को गर्भगृह के ठीक ऊपर एक चबूतरे पर स्थापित किया गया है, जहां शिवलिंग स्थित है. दिलचस्प बात ये है कि नंदी के मुख से लगातार जलधारा बहती रहती है. नंदी के मुख से निकलने वाला जल सीधे नीचे स्थित शिवलिंग पर गिरता है।
इससे नंदी भगवान द्वारा भगवान शिव का लगातार मुख से अभिषेक करने का एक अद्भुत दृश्य बनता है. यह धारी फिर मंदिर के पवित्र तेप्पाकुलम (कल्याणी) में बहकर उसमें मिल जाता है।
अनसुलझे रहस्य और लाइलाज बीमारियां
आज के इस मॉडर्न टेक्नोलॉजी युग में भी नंदी के मुख से निकलने वाले जल का स्रोत विज्ञान के लिए एक रहस्य बना हुआ है. साल भर निरंतर बहने वाले इस जल के स्रोत पर अध्ययन किए जाने के बावजूद, इसका वास्तविक स्रोत अभी भी रहस्य बना हुआ है. ऐसी गहरी मान्यता है कि इस जल में दुर्लभ औषधीय गुण हैं और इसे पीने वाले भक्तों को असाध्य रोगों और शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
इसी कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ विदेशी भक्त भी बड़ी संख्या में यहां आते हैं. दक्षिणामुख नंदी तीर्थ कल्याणी मंदिर आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है, जिसमें भगवान शिव और नंदी के लिए अलग-अलग मंदिर हैं, साथ ही भगवान गणेश और नवग्रहों के लिए भी अलग-अलग मंदिर हैं. बेंगलुरु के केंद्र से लगभग 5 किमी दूर मल्लेश्वरम में स्थित यह मंदिर शहर की चहल-पहल के बीच एक शांत वातावरण प्रदान करता है।
