UttarakhandLiteracyRate : बधाई देवभूमि – देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बना उत्तराखंड :- उत्तराखंड ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए उल्लास कार्यक्रम के तहत 98% से अधिक साक्षरता दर प्राप्त कर ली है और यह देश का छठा ‘पूर्ण साक्षर’ राज्य बन गया है।
केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार, वयस्क साक्षरता दर 95% होने पर राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित किया जाता है। राज्य ने पिछले दो वर्षों में ही साक्षरता दर में 14.9% की भारी वृद्धि दर्ज की है।
उत्तराखंड से पहले मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया जा चुका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 तथा उल्लास (ULLAS) नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के मानकों को पूर्ण करने के दृष्टिगत राज्यपाल ने उत्तराखंड राज्य को पूर्णतया साक्षर राज्य घोषित करने की स्वीकृति दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किए जाने को राज्य के लिए ‘मील का पत्थर’ बताया।उन्होंने कहा कि सरकार के लगातार प्रयासों के साथ-साथ प्रदेशवासियों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा, “इस तरह के सामूहिक प्रयासों से विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
साथ ही, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, सतत शिक्षा और जीवनोपयोगी कौशलों को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।”
राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने के प्रस्ताव को 19 जून को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में उत्तराखंड की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक है।
