BadWeatherUttarakhand : उत्तराखंड में ख़राब मौसम ने रोकी उड़ानों की रफ्तार! :- उत्तराखंड में लगातार बदल रहा मौसम हवाई सेवाओं के लिए चुनौती बन गया है. पिछले करीब एक महीने में बारिश, बादल, कम दृश्यता और पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम के चलते राज्य की 60 से 70 फीसदी तक हवाई सेवाएं प्रभावित होने की बात सामने आई है. कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कुछ रूट पर विमानों और हेलीकॉप्टरों का संचालन तय समय के मुताबिक नहीं हो सका. इसका असर स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों पर भी पड़ा है।
34 हवाई रूट पर सेवाएं, मौसम ने बिगाड़ा शेड्यूल
राज्य में पवन हंस, हेरिटेज एविएशन, थंबी और एलायंस एयर समेत विभिन्न कंपनियां करीब 34 हवाई मार्गों पर सेवाएं संचालित कर रही हैं. पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलने के कारण इन सेवाओं के संचालन में लगातार दिक्कतें आ रही हैं।
खराब मौसम के दौरान उड़ान रद्द होने की सूचना कई बार यात्रियों को हेलीपैड या एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मिलती है. इससे यात्रियों को समय और पैसे दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गढ़वाल में इन रूट पर सबसे ज्यादा असर
गढ़वाल मंडल में देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड से टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और श्रीनगर के लिए हेली सेवाएं संचालित होती हैं. पहाड़ों में बादल छाने और दृश्यता कम होने पर इन रूट पर उड़ान भरना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
उत्तराखंड सरकार की ओर से भी दूरस्थ इलाकों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है. राज्य में हेलिपोर्ट की संख्या 2 से बढ़कर 12 और हेलीपैड 60 से बढ़कर 118 किए जाने की जानकारी सरकार ने दी है।
कुमाऊं मंडल में हल्द्वानी, मुनस्यारी और अल्मोड़ा समेत कई रूट पर हेलीकॉप्टर सेवाएं चल रही हैं. यहां भी अचानक मौसम बदलने से उड़ानों के शेड्यूल पर असर पड़ रहा है. इसी साल मार्च में पिथौरागढ़-देहरादून एलायंस एयर सेवा भी शुरू की गई है।
42 सीटों वाला विमान दोनों शहरों के बीच सड़क मार्ग की लंबी दूरी को करीब एक घंटे की हवाई यात्रा में बदलता है. सीमांत क्षेत्र के लिए यह कनेक्टिविटी रणनीतिक और पर्यटन दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी गई है।
आदि कैलाश यात्रियों को सबसे ज्यादा चिंता
मौसम की अनिश्चितता का असर आदि कैलाश यात्रा पर भी दिखाई दे रहा है. हवाई यात्रा समय बचाने का अहम विकल्प होने के कारण इस रूट की सीटों की मांग बनी हुई है।
लेकिन सीमित सीटों और मौसम खराब होने पर उड़ान रद्द होने की आशंका के चलते यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में मुश्किल हो रही है. उत्तराखंड पर्यटन विभाग भी यात्रियों को यात्रा से पहले मौसम का पूर्वानुमान नियमित रूप से देखने की सलाह देता है।
