Close Menu
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

HistoryOfGlasses : जब नहीं था चश्मा, तब कैसे पढ़ते थे लोग? जानें सदियों पुराने अनोखे तरीके

August 3, 2026

WrongRecharge : गलत नंबर रिचार्ज हो जाए तो क्या करें?

August 3, 2026

CyberCrime1930 : क्रिमिनल केस बनाम मुआवजे का केस: दोनों में क्या अंतर है?

August 3, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Narad Post News
Youtube Login
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • देश
  • विदेश
  • यूथ
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
Narad Post News
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • सामाजिक
  • देश
  • विदेश
Home » ECigarette : क्या वेपिंग से बढ़ सकता है फेफड़ों के कैंसर का खतरा?
NARAD POST BREAKING NEWS

ECigarette : क्या वेपिंग से बढ़ सकता है फेफड़ों के कैंसर का खतरा?

It is premature to consider e-cigarettes safe.
Narad PostBy Narad PostAugust 3, 2026No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp VKontakte Email
ECigarette
ECigarette : क्या वेपिंग से बढ़ सकता है फेफड़ों के कैंसर का खतरा?
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
खबर को सुनें

ECigarette : क्या वेपिंग से बढ़ सकता है फेफड़ों के कैंसर का खतरा? :-  फेफड़ों का कैंसर दुनिया भर में सबसे गंभीर बीमारियों में से एक माना जाता है और इसका सबसे बड़ा कारण लंबे समय तक धूम्रपान करना है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में पारंपरिक सिगरेट पीने वालों की संख्या में कमी आई है, लेकिन ई-सिगरेट या वेपिंग का चलन तेजी से बढ़ा है।

खासकर युवाओं के बीच इसे एक ट्रेंडी और सुरक्षित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन क्या ई-सिगरेट वास्तव में सुरक्षित है? इस सवाल पर अभी भी वैज्ञानिक शोध जारी हैं।

डॉ. शिबा कल्याण बिस्वाल, हेड-पल्मोनोलॉजी, शेल्बी इंटरनेशनल हॉस्पिटल्स के अनुसार, ई-सिगरेट को पूरी तरह सुरक्षित मान लेना सही नहीं है और इसके लंबे समय तक इस्तेमाल से फेफड़ों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ई-सिगरेट को सुरक्षित मानना अभी जल्दबाजी

ई-सिगरेट को अक्सर सामान्य सिगरेट की तुलना में कम नुकसानदायक बताया जाता है। कई लोग इसे धूम्रपान छोड़ने का तरीका भी मानते हैं। हालांकि, इसके समर्थन में अभी पर्याप्त और मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं हैं।

डॉ. बिस्वाल के मुताबिक, ई-सिगरेट के लंबे समय तक इस्तेमाल का फेफड़ों और फेफड़ों के कैंसर पर क्या असर पड़ता है, इसे लेकर अभी भी व्यापक शोध जारी है। इसलिए इसे पूरी तरह सुरक्षित विकल्प मानना सही नहीं होगा।

क्या वेपिंग से बढ़ सकता है फेफड़ों के कैंसर का खतरा?

अब तक हुए कई अध्ययनों से संकेत मिले हैं कि ई-सिगरेट का इस्तेमाल फेफड़ों के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। यह जोखिम उन लोगों में और अधिक हो सकता है जो ई-सिगरेट के साथ-साथ सामान्य सिगरेट भी पीते हैं।

ऐसे लोगों को ड्यूल यूजर कहा जाता है। यानि अगर कोई व्यक्ति यह सोचकर वेपिंग शुरू करता है कि इससे वह सिगरेट छोड़ देगा, लेकिन बाद में दोनों का इस्तेमाल करने लगता है, तो उसके लिए खतरा और बढ़ सकता है।

#CancerAwareness #DualUsers #ECigarette #LungCancer #Pulmonology #RespiratoryHealth #SmokingCessation #SmokingVsVaping #VapeCancerRisk #VapeSideEffects #VapingDangers #VapingRisks #YouthHealth HealthAlert HealthTipsHindi khojinarad naradpost naradpostbreakingnews
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email
Previous ArticleGoogleSecurity : सेल्फी वीडियो से होगा अकाउंट रिकवर
Next Article CyberCrime1930 : क्रिमिनल केस बनाम मुआवजे का केस: दोनों में क्या अंतर है?
Narad Post

Related Posts

HistoryOfGlasses : जब नहीं था चश्मा, तब कैसे पढ़ते थे लोग? जानें सदियों पुराने अनोखे तरीके

August 3, 2026

WrongRecharge : गलत नंबर रिचार्ज हो जाए तो क्या करें?

August 3, 2026

CyberCrime1930 : क्रिमिनल केस बनाम मुआवजे का केस: दोनों में क्या अंतर है?

August 3, 2026

GoogleSecurity : सेल्फी वीडियो से होगा अकाउंट रिकवर

August 3, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

Advt.
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1-1.mp4
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1-1.mp4
//

“Narad Post” निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
Don't Miss
NARAD POST BREAKING NEWS

HistoryOfGlasses : जब नहीं था चश्मा, तब कैसे पढ़ते थे लोग? जानें सदियों पुराने अनोखे तरीके

By Narad PostAugust 3, 20260

HistoryOfGlasses : जब नहीं था चश्मा, तब कैसे पढ़ते थे लोग? जानें सदियों पुराने अनोखे…

WrongRecharge : गलत नंबर रिचार्ज हो जाए तो क्या करें?

August 3, 2026

CyberCrime1930 : क्रिमिनल केस बनाम मुआवजे का केस: दोनों में क्या अंतर है?

August 3, 2026

ECigarette : क्या वेपिंग से बढ़ सकता है फेफड़ों के कैंसर का खतरा?

August 3, 2026
Contact:

Ananya Sahgal, Editor
Address: 75A, Friends Plaza Rajpur Road Dehradun Uttarakhand
Phone: +918218446859
Email: naradpostuk@gmail.com

About Us
About Us

"Narad Post" निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो
© 2026 Developed By: Tech Yard Labs.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?