GarhwalSportsFestival : 2030 कॉमनवेल्थ में लहराएगा गढ़वाल का परचम : – गढ़वाल सांसद खेल महोत्सव के समापन में सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र ने खेलों में अभूतपूर्व भागीदारी दर्ज की है, जहां 13,500 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया जो सुदूर पहाड़ के लिए एक रिकॉर्ड है।
उन्होंने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि यहां टीम ने मिलकर जिस समर्पण और मेहनत के साथ काम किया, उसका परिणाम पूरे उत्तराखंड में सबसे अधिक भागीदारी के रूप में सामने आया। हमने इस बार पिट्ठू को भी खेल में शामिल किया ताकि इस पारंपरिक खेल को पहचान और मान्यता मिले।
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भाजपा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का खेलों को लेकर एक अलग और दूरदर्शी विजन है। उन्होंने कहा है कि आने वाले कॉमनवेल्थ खेलों में भारत की मजबूत भागीदारी होगी और जिस तरह से ओलंपिक की बिल्डिंग तैयार की गई है, उससे यह स्पष्ट होता है कि सौभाग्य से ओलंपिक खेल का आयोजन भी भारत को मिलने वाले हैं। इसलिए यहां बैठे बच्चों को अभी से कॉमनवेल्थ खेलों और आने वाले ओलंपिक खेलों की तैयारी करनी चाहिए।
अनिल बलूनी ने कहा कि गढ़वाल लोकसभा में खेलों के विकास के लिए सभी आवश्यक कार्य किए जाएंगे। गढ़वाल सांसद खेल महोत्सव का उद्घाटन स्वयं केन्द्रीय खेल मंत्री मनसुखभाई मांडविया ने किया था और उन्होंने यहाँ स्पोर्ट्स इंफ़्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए कई बातें भी कही थी।
ज्योतिर्मठ में मिनी स्टेडियम एवं सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है और सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के निर्माण के लिए ₹9.5 करोड़ की राशि भी जारी कर दी गई है। औली को विंटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा और पूरे गढ़वाल को खेल के क्षेत्र में पूरे विश्व के मानचित्र पर लाने का काम हम करेंगे।
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बलूनी ने कहा कि सभी खिलाड़ियों ने अत्यंत मेहनत और समर्पण के साथ खेलों में भाग लिया है और वह सभी को यह विश्वास दिलाते हैं कि यहां बैठे जितने भी बच्चे तैयारी करना चाहते हैं और नियमित रूप से खेलों में हिस्सा ले रहे हैं, उनमें छिपी प्रतिभा को चरणबद्ध तरीके से निखारा जाएगा।
जो बच्चे कॉमनवेल्थ खेलों, आने वाले एशियन गेम्स और ओलंपिक खेलों के लिए तैयारी करने की क्षमता रखते हैं, उनमें से 15 से 20 प्रतिभाशाली बच्चों का चयन किया जाएगा। इन बच्चों की ट्रेनिंग केवल देश में ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर विदेशों में भी कराई जाएगी और उनकी पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाएगी।
मेरा लक्ष्य है कि वर्ष 2030 में गुजरात में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों में गढ़वाल लोकसभा का परचम जरूर लहराए और इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में पदक देश के नाम आएं। इसके लिए खिलाड़ियों की तैयारी, प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था के लिए जो भी संभव होगा, वह सब किया जाएगा।
