Close Menu
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

DelhiColdWave : AIIMS के डॉक्टर्स ने कड़क सर्दी पर किया सतर्क !

January 15, 2026

ChineseManja : चाइनीज मांझा किस चीज से बनता है? टच करता नहीं और गला काट देता है, मकर संक्रांति पर बढ़ते खतरे की पूरी सच्चाई

January 15, 2026

RahulGandhi : राहुल गांधी हिंदू नहीं, उन्हें राम मंदिर में न घुसने दिया जाए, बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

January 15, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Narad Post News
Youtube Login
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • देश
  • विदेश
  • यूथ
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
Narad Post News
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • सामाजिक
  • देश
  • विदेश
Home » राज्यपाल गदगद, वन्यजीव संरक्षण में नई तकनीक से एक नया अध्याय शुरू !
देहरादून

राज्यपाल गदगद, वन्यजीव संरक्षण में नई तकनीक से एक नया अध्याय शुरू !

Governor of Uttarakhand, Lieutenant General (Retd) Gurmeet Singh, Wildlife Institute of India.
Sponsored By: KABIR SINGHJanuary 30, 2025No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp VKontakte Email
गुरमीत सिंह
गुरमीत सिंह
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
खबर को सुनें

राज्यपाल गदगद, वन्यजीव संरक्षण में नई तकनीक से एक नया अध्याय शुरू : 39वें वन्यजीव प्रबंधन प्रमाणपत्र के समापन समारोह में गवर्नर हुए शामिल, ⁠इस अवसर पर उन्होंने विशिष्ट स्मृति चिन्ह स्टोर का भी उद्घाटन किया, उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से0नि) गुरमीत सिंह ने भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून में वन्यजीव प्रबंधन में 39वें प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के अधिकारी प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया और विशिष्ट स्मृति चिन्ह स्टोर का उद्घाटन किया, जिसमें वन्यजीव-थीम वाले उत्पाद और स्मृति चिन्ह उपलब्ध हैं। इस पहल का उद्देश्य संस्थान द्वारा वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।

राज्यपाल ने 39वें वन्यजीव प्रबंधन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह पाठ्यक्रम भारत के विभिन्न राज्यों के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर, डिप्टी रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर और समकक्ष अधिकारियों के लिए तीन महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो भारतीय वन्यजीव संस्थान में आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने अधिकारी प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र और पदक भी प्रदान किए।

‘वन्यजीव संरक्षण गोल्ड मेडल’ सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु श्रीमती बेथसेबी लालरेम्रुआती, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर, मिजोरम को दिया गया। ‘सिल्वर मेडल फॉर बेस्ट ऑल राउंड वाइल्डलाइफर’ श्री उमेश, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर, राजस्थान को प्रदान किया गया और ‘सिल्वर मेडल फॉर बेस्ट परफॉर्मेंस इन वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट मॉड्यूल’ राहुल उपाध्याय, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर, मध्य प्रदेश को प्राप्त हुआ। राज्यपाल ने सभी प्रशिक्षुओं और विशेष रूप से पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान देशभर में वन्यजीव प्रबंधन में बेहतर योगदान देगा।

साथ ही राज्यपाल ने वरिष्ठ वन्यजीवविदों, स्व. डॉ. ए.जे.टी. जॉनसिंह और डॉ. जी.एस. रावत के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने 2022 में जिम कॉर्बेट के ऐतिहासिक मार्गों की फिर से खोज की, जिसमें मानव-वन्यजीव संघर्ष स्थलों पर ध्यान केंद्रित किया गया था, जो बाघों और तेंदुओं से संबंधित थे। इस अन्वेषण को ‘कॉर्बेट ट्रेल’ नामक 70 मिनट की डॉक्युमेंट्री में प्रदर्शित किया गया, जो क्षेत्र के इकोटूरिज्म और प्राकृतिक धरोहर की सराहना करती है।राज्यपाल ने कहा कि ‘मैं वन्यजीव समुदाय में एक सकारात्मकता महसूस करता हूं और वन्यजीव संरक्षण में नवीनतम तकनीक के उपयोग को देखकर संतुष्ट हूं।’इसके अलावा राज्यपल ने एडवांस पश्मीना प्रमाणन केंद्र का दौरा किया, जो पश्मीना उत्पादों की प्रामाणिकता प्रमाणित करने और वन्यजीव अपराधों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अब तक, इस केंद्र ने 16,000 से अधिक पश्मीना शॉल प्रमाणित किए हैं।

उन्होंने संस्थान के वन्यजीव फॉरेन्सिक लैब का भी दौरा किया, जो वन्यजीव उत्पादों के अवैध व्यापार पर काबू पाने और वन्यजीव संबंधित अपराध मामलों को हल करने में सहायता कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान, राज्यपाल ने संस्थान की दो पुस्तकों , ब्रेन जिम एक्टिविटी – नदी पर निर्भर जानवर और और गंगा और इसकी सहायक नदियों का उत्सव का विमोचन भी किया। ब्रेन जिम एक्टिविटी पर आधारित पुस्तकें स्कूल बच्चों के लिए विकसित की गई हैं, ताकि उन्हें नदी पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता के प्रति जागरूक किया जा सके। दूसरी पुस्तक ‘गंगा और इसकी सहायक नदियों का उत्सव’ गंगा नदी बेसिन में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों और समारोहों के साथ-साथ नदी पारिस्थितिकी तंत्र और इसकी जैव विविधता पर प्रकाश डालती है। यह पुस्तक गंगा और उसकी सहायक नदियों के सांस्कृतिक, आजीविका और समुदाय विकास में योगदान को भी दर्शाती है।

राज्यपाल ने संस्थान द्वारा स्थापित एक डिजिटल रिपॉजिटरी का भी उद्घाटन किया, जिसमें शोध प्रबंध, पीएचडी डिसर्टेशन, तकनीकी रिपोर्ट और अन्य प्रकाशित सामग्री का संग्रह है।इसके अलावा राज्यपाल ने जल जीवन मिशन के तहत जल खाता अभियान की शुरुआत की, जो स्कूल बच्चों और स्थानीय समुदायों को वर्षा जल संरक्षण प्रयासों में शामिल करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा। यह अभियान पहले उत्तराखंड के स्कूलों और समुदायों में शुरू होगा और बाद में गंगा बेसिन के अन्य राज्यों में विस्तारित किया जाएगा।

#india ConservationEfforts ConservationInnovation Dehradun EnvironmentalImpact GovernorSupport GreenTechnology narad post NARAD POST BREAKING Narad Post News NatureAndTechnology NaturePreservation news NewTechForWildlife SaveWildlife SustainableProtection TechForNature TechInNature TechnologicalAdvancement uttarakhand WildlifeAwareness WildlifeConservation WildlifeConservationIndia WildlifeProtection WildlifeRescue WildlifeRevolution WildlifeTechnology
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email
Previous Articleपेट में पल रहे बच्चे के पेट में भी बच्चा: एक चमत्कारी घटना जिसने सबको चौंका दिया
Next Article 38वें राष्ट्रीय खेलों में कर्नाटक ने एक्वेटिक में मारी पहले दिन की धाक!
Narad Post

Related Posts

KisanAatmhatya : किसान आत्महत्या मामले की हो न्यायिक जांचः- यशपाल आर्य

January 14, 2026

 cricketteamselection : क्रिकेट टीम में सिलेक्शन

January 14, 2026

RelativeRobbery : घर के ही रिश्तेदार ने रची लूट की साजिश, पांच आरोपी गिरफ्तार।

January 14, 2026

ParthParmar : 7 साल, 350 प्लस मैच और 24 शतकों ने दिलाया अंडर-14 में चयन

January 13, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

Advt.
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1-1.mp4
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1-1.mp4
//

“Narad Post” निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
Don't Miss
देश

DelhiColdWave : AIIMS के डॉक्टर्स ने कड़क सर्दी पर किया सतर्क !

By Narad PostJanuary 15, 20260

DelhiColdWave : AIIMS के डॉक्टर्स ने कड़क सर्दी पर किया सतर्क ! :-  राष्ट्रीय राजधानी…

ChineseManja : चाइनीज मांझा किस चीज से बनता है? टच करता नहीं और गला काट देता है, मकर संक्रांति पर बढ़ते खतरे की पूरी सच्चाई

January 15, 2026

RahulGandhi : राहुल गांधी हिंदू नहीं, उन्हें राम मंदिर में न घुसने दिया जाए, बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

January 15, 2026

BrahmMuhurt : किस समय पर जीभ पर होता है मां सरस्वती का वास?

January 15, 2026
Contact:

Ananya Sahgal, Editor
Address: 75A, Friends Plaza Rajpur Road Dehradun Uttarakhand
Phone: +918218446859
Email: naradpostuk@gmail.com

About Us
About Us

"Narad Post" निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो
© 2026 Developed By: Tech Yard Labs.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?