HelmetExpiryDate : Helmet Expiry 5 साल बाद हेलमेट बन जाता है यमराज ! :- भारत की सड़कों पर दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट सिर्फ ट्रैफिक पुलिस के चालान से बचने का जुगाड़ नहीं है, बल्कि यह आपकी जिंदगी बचाने वाली सबसे बड़ी और पहली सुरक्षा ढाल है। सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोटें सबसे ज्यादा जानलेवा साबित होती हैं और एक अच्छी क्वालिटी का हेलमेट ही आपको इससे बचा सकता है।
लेकिन, भारत में एक आम धारणा है कि अगर हेलमेट बाहर से चमक रहा है और उसमें कोई टूट-फूट नहीं हुई है, तो वह जीवनभर चलेगा। यह एक बहुत बड़ी और खतरनाक गलतफहमी है। एक्सपर्ट्स और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के मुताबिक, हेलमेट की भी एक तय उम्र होती है, जिसके बाद वह आपको सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम हो जाता है।
क्या सच में हेलमेट एक्सपायर हो जाता है?
जी हां, यह बिल्कुल सच है कि हेलमेट भी एक समय के बाद एक्सपायर मान लिया जाता है। दुनिया भर के सेफ्टी एक्सपर्ट्स और हेलमेट निर्माता कंपनियों के मुताबिक, एक अच्छी क्वालिटी वाले हेलमेट की अधिकतम उम्र 3 से 5 साल के बीच होती है।
आखिर ऐसा क्यों होता है?
इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण है। हेलमेट मुख्य रूप से दो हिस्सों से बना होता है—बाहरी कठोर परत और अंदर की मुलायम परत जिसे EPS लाइनर कहा जाता है। यह सफेद रंग की थर्मोकोल जैसी परत ही असल में दुर्घटना के समय झटके (Shock) को सोखती है और आपके सिर की हड्डी को टूटने से बचाती है। समय के साथ, जब आप नियमित रूप से हेलमेट पहनते हैं, तो:
पसीना और नमी: आपके सिर से निकलने वाला पसीना और नमी ईपीएस लाइनर (EPS Liner) के संपर्क में आती है।
बालों का तेल और केमिकल: सिर में लगा तेल, हेयर जेल या अन्य केमिकल इस फोम वाली परत को धीरे-धीरे गलाना और कमजोर करना शुरू कर देते हैं।
पर्यावरणीय प्रभाव: लगातार धूप, गर्मी और प्रदूषण के कारण फोम सिकुड़ने लगता है और कठोर हो जाता है।जब यह परत कठोर हो जाती है, तो यह एक्सीडेंट के दौरान झटके को सोखने की क्षमता खो देती है। ऐसे में झटके का पूरा असर सीधे आपके सिर पर पड़ता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
ज्यादातर लोग हेलमेट से पसीने की बदबू और बैक्टीरिया खत्म करने के लिए उसे कड़ी धूप में छत पर छोड़ देते हैं। यह तरीका आंशिक रूप से सही है लेकिन बेहद खतरनाक भी हो सकता है।
हेलमेट को कभी-कभी नमी दूर करने के लिए हल्की सुबह की धूप में रखा जा सकता है। हालांकि, इसे लंबे समय तक चिलचिलाती और तेज धूप में छोड़ना बिल्कुल गलत है।
ज्यादा गर्मी और अल्ट्रावायलेट किरणें हेलमेट के बाहरी प्लास्टिक शेल को ‘भुरभुरा’ बना देती हैं। इससे हेलमेट की मजबूती खत्म हो जाती है और वह किसी भी झटके से आसानी से टूट सकता है। हेलमेट को हमेशा हवादार जगह में ही सुखाना चाहिए।
