Close Menu
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

AyushmanBharat : सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों में चलाया जागरूकता अभियान

January 6, 2026

UttarakhandProjects : केन्द्रीय मंत्री ने परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करने के दिए निर्देश

January 6, 2026

MukeshAmbani : हर भारतीय के लिए किफायती एआई  

January 6, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Narad Post News
Youtube Login
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • देश
  • विदेश
  • यूथ
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
Narad Post News
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • सामाजिक
  • देश
  • विदेश
Home » भारत में कैसे हुई ये स्वादिष्ट मिठाई ट्रेंड?
Blog

भारत में कैसे हुई ये स्वादिष्ट मिठाई ट्रेंड?

Interesting story of Jalebi: Do you know its real journey? How did the taste of Jalebi become the most favorite in India?
Narad PostBy Narad PostOctober 11, 2024Updated:October 11, 2024No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp VKontakte Email
 जलेबी भारत में कैसे आई
 जलेबी भारत में कैसे आई
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
खबर को सुनें

 जलेबी भारत में कैसे आई : हरियाणा की राजनीति में जलेबी छाई हुई थी । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हरियाणा में चुनाव प्रचार के दौरान गोहाना की मशहूर जलेबी खाई और मंच से जलेबी की फैक्ट्रियां लगाने, रोजगार दिलाने और निर्यात बढ़ाने का वादा किया। लेकिन नतीजों के बाद भाजपा ने जमकर जलेबी को ट्रेंड कराया और देश भर में बांटी। इस स्वादिष्ट मिठाई का भारत में सभी स्थानों पर एक अलग ही महत्व है, लेकिन आखिरकार जलेबी भारत में कैसे आई? इसका इतिहास बहुत पुराना और दिलचस्प है। भारत में जलेबी काफी लोकप्रिय मिठाई है।

देश में बड़े पैमाने पर लोग इसको चाव के साथ खाते हैं। कई जगहों पर मेहमान नवाजी करने के लिए लोगों को जलेबी खिलाई जाती है। इस मिठाई को बनाने के लिए मैदा, घी, दही और चीनी का इस्तेमाल होता है। स्वाद में लाजवाब होने से जलेबी को भारत में ही नहीं बल्कि नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ईरान आदि कई देशों में खाया जाता है।

हालांकि, विभिन्न जगहों पर इसको बनाने की विधि भी अलग-अलग है। इसकी मिठास और थोड़े से खट्टेपन का मेल ही इसको स्वाद में अनोखा बनाता है। भारत में लोकप्रिय होने की वजह से कई लोगों को लगता है कि जलेबी सबसे पहले भारत में ही बनाई गई होगी। लेकिन आप भी यही सोचते हैं, तो आप गलत हैं। जलेबी भारत की मिठाई नहीं है। जलेबी का इतिहास भी इसकी तरह ही घुमावदार है। जलेबी की उत्पत्ति फारस (अब ईरान) से हुई है। इसे फारसी भाषा में जलिबिया कहा जाता है।

मध्य पूर्व के दूसरे देशों में इस मिठाई को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इतिहासकार मानते हैं कि फारसी व्यापारियों, कारीगरों और मध्य पूर्वी आक्रमणकारियों के माध्यम से जलेबी भारत पहुंची। यीस्ट से बनने वाली चीजों का अरब देशों से संबंध है और वहां से यह स्वादिष्ट मिठाई यूरोप, जर्मनी और उत्तरी अमेरिका तक फैल गई। भारत में मध्यकाल में जलेबी पहुंची।

जलेबी हिंदी शब्द नहीं है, बल्कि यह एक अरबी भाषा का शब्द है। इसका जिक्र मध्य कालानी पुस्तक “किताब-अल-तबीक” में मिलता है जलेबी का असली नाम जलिबिया है। भारतीय मूल में इसे लोग जल वल्लिका कहते थे। जल वल्लिका नाम इसके रस से परिपूर्ण और चाशनी में सराबोर होने की वजह से मिला था।

हालांकि, बाद में इसका नाम जलेबी हो गया। बताया जाता है कि 500 साल पहले तुर्की आक्रमणकारियों के साथ जलेबी भारत पहुंची। भारत में इस मिठाई को खूब पसंद किया गया। आज के समय देशभर में लोग बड़े पैमाने पर जलेबी खाते हैं। यही नहीं भारत में कई जगहों पर जलेबी को दही, रबड़ी और दूध के साथ खाया जाता है। इसके अलावा जलेबी से मिलती जुलती एक मिठाई और भी काफी लोकप्रिय है। इस मिठाई को इमरती के नाम से जाना जाता है।

history of jalebi history of jalebi baba history of jalebi in hindi history of jalebi in india jalebi history jalebi history in hindi jalebi recipe latest news narad post story of jalebi
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email
Previous Articleअब कबूतर बाजों की खैर नहीं : SSP
Next Article मेंटल हेल्थ के लिए डिजिटल डिटॉक्स क्यों ज़रूरी?
Narad Post

Related Posts

Sanskrit Revival Commission : अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री,संस्कृत उत्थान के लिए उच्च स्तरीय आयोग के गठन की घोषणा

December 2, 2025

Chamoli News : स्कूली बच्चों का यौन उत्पीड़न करने वाला टीचर अरेस्ट

December 2, 2025

SGRR University : एसजीआरआर में हुआ छात्र परिषद का शपथ ग्रहण

December 2, 2025

World AIDS Day : ज्ञान से जागरूकता, जागरूकता से सुरक्षा – एड्स दिवस का संकल्प

December 2, 2025
Leave A Reply Cancel Reply

Advt.
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1-1.mp4
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1-1.mp4
//

“Narad Post” निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
Don't Miss
देहरादून

AyushmanBharat : सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों में चलाया जागरूकता अभियान

By Narad PostJanuary 6, 20260

AyushmanBharat : सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों में चलाया जागरूकता अभियान :-  राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण…

UttarakhandProjects : केन्द्रीय मंत्री ने परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करने के दिए निर्देश

January 6, 2026

MukeshAmbani : हर भारतीय के लिए किफायती एआई  

January 6, 2026

Afterdeathkarma : मरे हुए इंसान की निंदा करने से क्या होता है

January 6, 2026
Contact:

Ananya Sahgal, Editor
Address: 75A, Friends Plaza Rajpur Road Dehradun Uttarakhand
Phone: +918218446859
Email: naradpostuk@gmail.com

About Us
About Us

"Narad Post" निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो
© 2026 Developed By: Tech Yard Labs.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?