UttarakhandPoliceRecruitment : पुलिस विभाग की 1,600 खाली पदों पर जल्द होगी भर्ती – धामी :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखण्ड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि शहीद पूरे देश का गौरव होते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई दिल्ली में राष्ट्र को समर्पित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक वीर जवानों के त्याग और साहस का प्रतीक है।
उन्होंने पुलिस व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में करीब 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने, थानों एवं चौकियों में कार्मिकों की आवश्यकता के अनुसार पदों की संख्या और व्यवस्था की समीक्षा करने तथा विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही थानों के आवश्यक कार्यों के लिए वार्षिक बजट ₹4 करोड़ से बढ़ाकर ₹8 करोड़ करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों को बेहतर बनाने, देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और मल्टी स्टोरी बैरक का निर्माण कराने तथा देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल के उच्चीकरण की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि खाकी वर्दी साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। पुलिसकर्मी त्योहारों पर भी परिवारों से दूर रहकर जनता की सुरक्षा करते हैं। उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों और आपदाओं के बीच उनकी भूमिका अधिक महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा और साइबर अपराध आज गंभीर चुनौतियां हैं। नशे की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की गई है।
ड्रग फ्री उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने के लिए नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।उन्होंने कहा कि इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में पुलिस को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और अन्य एजेंसियों के समन्वय से साइबर अपराधियों से दो कदम आगे रहना होगा।
उन्होंने कहा कि करीब ₹32 करोड़ की लागत से स्टेट साइबर क्राइम को ऑर्डिनेशन सेंटर का निर्माण गतिमान है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है।
