Shri Ram Statue : श्रीराम की भव्य कांस्य प्रतिमा, 77 फीट ऊंचाई, जानिए क्या है खास :- गोकर्ण पर्तगाली मठ के स्थापना के 550 वर्ष पूरे होने पर एक भव्य श्री राम की प्रतिमा स्थापित की जा रही है. इस ऐतिहासिक अवसर को और भी खास बनाने के लिए मठ में एक विशाल धार्मिक उत्सव आयोजित किया जा रहा है, जो 24 नवंबर से लेकर 31 दिसंबर तक चलेगा।
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इस उत्सव के अंतर्गत, पीएम मोदी कांस्य धातु से बनी 77 फुट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा का उद्घाटन करेंगे. इस आयोजन के दौरान मठ में भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलेगा. यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि एक ऐतिहासिक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।
प्रतिमा का डिजाइन
यह 77 फुट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा का डिज़ाइन अयोध्या में स्थित भगवान राम की मूर्ति से प्रेरित किया गया है. प्रतिमा में भगवान राम एक हाथ में धनुष और दूसरे हाथ में बाण पकड़े हुए नजर आएंगे।
उनके चेहरे पर जो सौम्यता, दृढ़ता और दिव्यता की झलक दिखाई जाएगी, वह इस प्रतिमा को अद्वितीय और जीवंत बनाएगी. विशेष रूप से, इस मूर्ति का निर्माण कांस्य धातु से किया जा रहा है और इसका डिज़ाइन स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर रखा गया है, जिससे यह और भी आकर्षक और समृद्ध प्रतीत होती है।
राम सुतार की कला
भगवान राम की इस भव्य प्रतिमा का निर्माण राम सुतार द्वारा डिज़ाइन किया गया है. राम सुतार वही प्रसिद्ध मूर्तिकार हैं जिन्होंने भारत की सबसे ऊंची प्रतिमा—स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा)—का डिज़ाइन किया था. उनकी यह कला और शिल्प तकनीक इस राम प्रतिमा में भी झलक रही है. राम सुतार के मार्गदर्शन में बनी इस प्रतिमा में भारतीय कला की बारीकियों और शिल्प कौशल का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
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रामायण थीम पार्क और संग्रहालय का होगा विकास
प्रतिमा के साथ-साथ, गोवा के गोकर्ण पर्तगाली मठ में एक रामायण थीम पार्क, राम संग्रहालय और अन्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिसर भी विकसित किया जा रहा है।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह स्थल न केवल एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बनेगा, बल्कि यह पर्यटन के लिहाज से भी आकर्षण का केंद्र बनेगा. यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भगवान राम की जीवन गाथाओं से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी और अद्भुत अनुभव प्राप्त होगा।
