KanwarYatra2026 : कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं में लापरवाही की तो खैर नहीं :- उत्तराखंड सरकार इस वर्ष आगामी कांवड़ मेले को अभूतपूर्व और आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाने की तैयारी में जुट गई है। शिव भक्तों की सुरक्षा और सुविधा के लिए राज्य के इतिहास में पहली बार कांवड़ क्षेत्र में ‘वाटर एंबुलेंस’ की तैनाती की जाएगी, जबकि आपातकालीन स्थिति के लिए ‘एयर एंबुलेंस’ को भी मुस्तैद रखा जाएगा।
इस बार कांवड़ मेला 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगा, जिसे भव्य और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए सरकार ने 21 करोड़ 38 लाख रुपये का कुल प्रस्तावित बजट रखा है।
हरिद्वार में सूबे के कैबिनेट व जिला प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेले की सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया।
मुख्य दिनों में कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से होगी पुष्प वर्षा
कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए फिलहाल 18 करोड़ 53 लाख रुपये की तात्कालिक मांग की गई है। कांवड़ पटरी और प्रमुख पड़ाव स्थलों पर शुद्ध पेयजल, सुव्यवस्थित पार्किंग, 24 घंटे साफ-सफाई, पुख्ता चिकित्सा, सुचारू यातायात और थ्री-टियर सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है।
प्रभारी मंत्री ने बैठक में मौजूद सभी विभागों के आलाधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए शिव भक्तों से भी एक विशेष अपील की है।
प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि “हम कांवड़ यात्रियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन मर्यादा और नियमों का पालन भी जरूरी है।
डीजे वाली कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं से हमारी अपील है कि वे निर्धारित डेसिबल से तेज आवाज में डीजे न बजाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा तय किए गए रूट व नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद साफ है कि सरकार इस बार आस्था के इस महाकुंभ को न केवल धार्मिक रूप से भव्य, बल्कि तकनीकी और प्रबंधकीय रूप से भी बेहद हाई-टेक बनाने की दिशा में काम कर रही है।
