Close Menu
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

HaivanMovie : अक्षय और सैफ की फिल्म ‘हैवान’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप

September 26, 2026

SGRRU : आयुष मंत्रालय के साथ MoU से मिलेगी रिसर्च को उड़ान

September 26, 2026

KarateChampion : स्काॅटलैण्ड में परचम लहरायेंगे देहरादून के कराटे चैम्पियन हर्ष

September 26, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Narad Post News
Youtube Login
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • देश
  • विदेश
  • यूथ
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
Narad Post News
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • सामाजिक
  • देश
  • विदेश
Home » जन्माष्टमी पर क्यों निभाई जाती है डंठल वाले खीरा काटने की परंपरा
Blog

जन्माष्टमी पर क्यों निभाई जाती है डंठल वाले खीरा काटने की परंपरा

After the umbilical cord is pierced, Aarti of Lord Krishna is performed, cucumber is offered in worship and finally it is distributed among the devotees as prasad.
Narad PostBy Narad PostAugust 15, 2025No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp VKontakte Email
जन्माष्टमी
जन्माष्टमी
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
खबर को सुनें

जन्माष्टमी पर क्यों निभाई जाती है डंठल वाले खीरा काटने की परंपरा :- कृष्ण जन्माष्टमी, भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. इस साल यह उत्सव शनिवार, 16 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा. मध्यरात्रि को श्रीकृष्ण का जन्म हुआ माना जाता है, और इसी समय विशेष पूजा के साथ-साथ एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है, डंठल वाला खीरा काटना।

आधी रात खीरा काटने की परंपरा

जन्माष्टमी की रात 12 बजे डंठल वाला खीरा सिक्के से काटा जाता है. यह प्रक्रिया प्रतीकात्मक रूप से शिशु के जन्म के समय गर्भनाल काटने जैसी मानी जाती है. मान्यता है कि खीरे का डंठल भगवान कृष्ण के गर्भनाल का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे काटकर उन्हें माता देवकी से अलग करने की रस्म निभाई जाती है।

धार्मिक मान्यता और प्रतीक

इस परंपरा को “नाल छेदन” कहा जाता है. खीरे से श्रीकृष्ण की छोटी मूर्ति को बाहर निकालना उनके जन्म और मातृगर्भ से अलग होने का प्रतीक है. यह रस्म जन्म के पवित्र क्षण को पुनः जीवंत करने और भक्तों को उससे जुड़ाव महसूस कराने के लिए की जाती है।

पूजा में खीरे का महत्व

नाल छेदन के बाद श्रीकृष्ण की आरती की जाती है, खीरे को पूजन में चढ़ाया जाता है और अंत में इसे प्रसाद के रूप में भक्तों में वितरित किया जाता है. इस खीरे को शुभता, पवित्रता और श्रीकृष्ण के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है. जन्माष्टमी पर डंठल वाला खीरा काटने की परंपरा सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण के जन्म की स्मृति को संजोए रखने और उस क्षण के आध्यात्मिक महत्व को महसूस करने का माध्यम है. यह रस्म आज भी हर वर्ष श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाई जाती है।

#BalGopal #BhagavadGita #BhaktiBhav #DahiHandi #HareKrishna #Janmashtami #Janmashtami2025 #JanmashtamiCelebration #JanmashtamiSpecial #KrishnaBhagwan #KrishnaBhajan #KrishnaBhaktiSongs #KrishnaBirthday #KrishnaCelebration #KrishnaDarshan #KrishnaDevotees #KrishnaFest #KrishnaFestival #KrishnaIdols #KrishnaJanm #KrishnaJanmashtami #KrishnaKanhaiya #KrishnaLove #KrishnaLovers #KrishnaMandir #KrishnaMural #KrishnaPooja #KrishnaQuotes #KrishnaRas #KrishnaStory #KrishnaSweets #KrishnaTemple #KrishnaUtsav #LordKrishna #MakhanChor #RadheRadhe #Vasudev Bhakti HinduFestival IndianCulture IndianFestivals IndianTradition iskcon khoji narad KrishnaBhakti KrishnaBlessings KrishnaDevotion KrishnaLeela narad post narad post breaking news RadhaKrishna SanatanDharma SpiritualIndia जन्माष्टमी पर क्यों निभाई जाती है डंठल वाले खीरा काटने की परंपरा
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email
Previous Articleपीएम मोदी ने किया विकसित भारत रोजगार योजना का एलान
Next Article साधुओं की जन्माष्टमी और गृहस्थों की जन्माष्टमी में अंतर?
Narad Post

Related Posts

PanchmevaImportance : हिन्दू धार्मिक अनुष्ठान में क्या है पंचमेवा का महत्व ?

September 22, 2026

UPNews : योगी सरकार क्यों खरीदेगी 800 सब-मशीनगन, तीन स्नाइपर राइफल

September 18, 2026

VishwakarmaPuja : विश्वकर्मा पूजा के दिन औजारों की पूजा क्यों ?

September 17, 2026

PujaRules : पूजा के लिए बैठना क्यों ?

September 8, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

Advt.
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1-1.mp4
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1-1.mp4
//

“Narad Post” निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
Don't Miss
बॉलीवुड

HaivanMovie : अक्षय और सैफ की फिल्म ‘हैवान’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप

By Narad PostSeptember 26, 20260

HaivanMovie :अक्षय और सैफ की फिल्म ‘हैवान’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप :-  अक्षय कुमार और…

SGRRU : आयुष मंत्रालय के साथ MoU से मिलेगी रिसर्च को उड़ान

September 26, 2026

KarateChampion : स्काॅटलैण्ड में परचम लहरायेंगे देहरादून के कराटे चैम्पियन हर्ष

September 26, 2026

Madhumitha : YouTube पर दिखाती थीं दौलत, चोरों ने बनाया कंगाल

September 26, 2026
Contact:

Ananya Sahgal, Editor
Address: 75A, Friends Plaza Rajpur Road Dehradun Uttarakhand
Phone: +918218446859
Email: naradpostuk@gmail.com

About Us
About Us

"Narad Post" निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो
© 2026 Developed By: Tech Yard Labs.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?