SouthKoreaMarriageScheme : नौकरी-छोकरी सब मिलेगी ! शादी पर मिलेंगे 25 लाख :- दक्षिण कोरिया दुनिया के सबसे विकसित देशों में से एक है, लेकिन इस चमक-धमक के पीछे एक गहरा अंधेरा छिपा है. यहां के लोग काम के दबाव और भागदौड़ भरी जिंदगी में इतने उलझ गए हैं कि उनके पास खुद के लिए, प्यार के लिए और परिवार के लिए रत्ती भर भी वक्त नहीं बचा है।
खाली पेट पपीता खाने के फायदे
सुबह से रात तक दफ्तर की कुर्सी से चिपके रहने वाले युवाओं ने डेटिंग और शादी को एक ‘झंझट’ मान लिया है. इसका नतीजा यह हुआ कि देश की जन्म दर दुनिया के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
तुलसी के पत्तों का पानी पीने के फायदे
दक्षिण कोरियाई सरकार ने अब सीधे हस्तक्षेप करने का फैसला किया है. सरकार का मानना है कि अगर आर्थिक चिंताओं को दूर कर दिया जाए तो युवा दोबारा रिश्तों की ओर लौट सकते हैं. इसी उद्देश्य से एक बेहद अनोखी योजना शुरू की गई है, जहां डेटिंग से लेकर शादी और बच्चे पैदा करने तक, हर कदम पर सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही है. यह योजना न केवल युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए है, बल्कि गिरती आबादी को बचाने की एक आखिरी कोशिश भी है।
डेटिंग का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
सरकार ने अकेलेपन को दूर करने के लिए डेटिंग को एक ‘सरकारी मिशन’ बना दिया है. इस योजना के तहत, अगर कोई युवक या युवती किसी को डेट करने के लिए तैयार होता है, तो सरकार उसे लगभग 350 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 31,000 रुपये की आर्थिक मदद देती है. यह पैसा इसलिए दिया जाता है ताकि कपल बिना किसी आर्थिक चिंता के अच्छे रेस्टोरेंट में खाना खा सके, फिल्म देख सके या क्वालिटी टाइम बिता सके।
सरसों का तेल और लहसुन के फायदे
माता-पिता के शामिल होने पर अतिरिक्त भत्ता
अगर डेटिंग सफल रहती है और बात शादी तक पहुंचती है तो सरकार का खजाना और बड़ा खुल जाता है. दक्षिण कोरिया में शादी करने का फैसला लेने वाले कपल्स को सरकार की तरफ से लगभग 25 लाख रुपये तक की भारी-भरकम सहायता राशि दी जाती है. सरकार जानती है कि महंगाई और करियर की अनिश्चितता के कारण युवा शादी से डरते हैं. इसलिए, शादी के आयोजन से लेकर नए घर को बसाने तक के खर्च को कम करने के लिए यह ‘वेडिंग बोनस’ दिया जा रहा है, ताकि पैसों की कमी प्यार के आड़े न आए।
आधिकारिक रूप से विवाह पंजीकरण
सिर्फ शादी ही नहीं, बल्कि उसके बाद की चुनौतियों के लिए भी सरकार तैयार है. दक्षिण कोरिया में बच्चों की परवरिश, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बेहद महंगी हैं. यही कारण है कि कई कपल्स शादी के बाद भी बच्चे पैदा नहीं करना चाहते।
इसे देखते हुए सरकार ने बच्चों की परवरिश के लिए अलग से भत्ता और सब्सिडी देने का ऐलान किया है. सरकार की कोशिश है कि वह बच्चे की जिम्मेदारी में माता-पिता की भागीदार बने, ताकि लोग करियर और परिवार के बीच संतुलन बना सकें और देश की गिरती जनसंख्या को संभाला जा सके।
