UPSCTopper : IAS – IPS की कमाई का देखिये हिसाब किताब :- क्या आप भी अपने बेटे या बेटी को ब्यूरोक्रेट बनाने का सपना देख रहे हैं ? क्या आप डीएम कमिश्नर और पुलिस अफसर बनने की तैयारी कर रहे हैं ? दरअसल हमारे देश में IAS और IPS सबसे प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियों में से मानी जाती हैं।
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UPSC सिविल सेवा परीक्षा में टॉप रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार IAS अधिकारी बनते हैं, जबकि IPS उसके ठीक बाद आते हैं. ये अधिकारी प्रशासन और पुलिस विभाग में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इनका रुतबा देखकर आपके मन में ये सवाल जरूर आता होगा कि एक IAS या IPS अधिकारी का वेतन कितना होता है और उन्हें क्या सुविधाएं मिलती हैं ? तो चलिए आज इस आर्टिकल में हम आपको इसी सवाल का जवाब बताते हैं।
वेतन से लेकर खास सुविधाओं तक की जानकारी
भारत सरकार में किसी भी सरकारी कर्मचारी का वेतन निर्धारित करने का काम वेतन आयोग का होता है. सरकार समय-समय पर समितियां बनाती है जो मुद्रास्फीति, नौकरी की जिम्मेदारियों और वरिष्ठता के आधार पर वेतन तय करती हैं. वर्तमान में, देश में सातवें वेतन आयोग लागू है और 8वें की घोषणा हो चुकी है. हालांकि 8वां वेतन आयोग अभी लागू नहीं है।
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एक IAS और IPS अधिकारी का शुरुआती वेतन कितना होता है?
7वें वेतन आयोग के अनुसार, एक नए IAS या IPS अधिकारी का मूल वेतन 56100 रुपये प्रति माह होता है. हालांकि, यह केवल मूल वेतन है. इसके अलावा, उन्हें TA, DA, HRA, मोबाइल भत्ता और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं. कुल मिलाकर, एक नए अधिकारी का इन-हैंड वेतन लगभग 1 लाख रुपये प्रतिमाह होता है।
IAS और IPS का वेतन कैसे बढ़ता है?
जैसे-जैसे किसी अधिकारी की पदोन्नति होती है और उसकी जिम्मेदारियां बढ़ती हैं, उसका वेतन भी बढ़ता है. एक IAS अधिकारी का सर्वोच्च पद कैबिनेट सचिव होता है, जहां मूल वेतन 2.5 लाख रुपये प्रति माह तक हो सकता है।
आम तौर पर, IAS और IPS अधिकारियों का मूल वेतन 56,100 से 2,25,000 रुपये तक होता है, जिसमें भत्ते अलग से दिए जाते हैं. IAS और IPS अधिकारियों को जानिए क्या क्या सुविधाएं मिलती हैं।
छोटे जिलों में तैनाती के समय, आईएएस अधिकारी को अक्सर सबसे बड़ा बंगला आवंटित किया जाता है.वेतन के अलावा, IAS और IPS अधिकारियों को कई विलासिता सुविधाएं भी मिलती हैं, जिनमें ये शामिल हैं: सरकारी बंगला या घर , कार और ड्राइवर , घरेलू सहायक और रसोइया , सीमित पेट्रोल और सुरक्षा तभी तो कहते हैं इन बेहद ख़ास अफसरों को हमारे समाज में आज भी कहते हैं लाट साहेब।
