RabiesOutbreak : क्या संक्रमित गाय का दूध पीने से होता है रेबीज ? :- उत्तर प्रदेश से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों को डरा दिया है, बल्कि सेहत को लेकर एक बड़ी बहस भी छेड़ दी है. मामला शिवगढ़ इलाके के थई गाँव का है, जहाँ एक पागल कुत्ते के काटने से पालतू गाय की मौत हो गई।
लेकिन असली ‘हाहाकार’ गाय की मौत के बाद मचा, जब गाँव के एक दर्जन से ज्यादा लोगों को यह अहसास हुआ कि वे पिछले कई दिनों से उसी संक्रमित गाय का दूध पी रहे थे. अब आलम ये है कि दूध पीने वाले हर शख्स को रेबीज का डर सता रहा है और गाँव में अफरा-तफरी का माहौल है।
कुत्ते ने काटा, परिवार समझ नहीं पाया खतरा
पूरी घटना करीब एक सप्ताह पहले शुरू हुई थी. गाँव के रहने वाले प्रेम शंकर की गाय को एक पागल कुत्ते ने काट लिया था. उस वक्त परिवार को लगा कि घाव मामूली है. उन्होंने स्थानीय वेटरिनरी डॉक्टर से सलाह ली, दवाएं लगाईं और हमेशा की तरह गाय का दूध निकालकर उसका इस्तेमाल करते रहे. परिवार को जरा भी अंदाजा नहीं था कि मौत उनके घर के किचन तक पहुंच चुकी है।
गाय को हुआ ‘हाइड्रोफोबिया’
दो दिन पहले अचानक गाय का व्यवहार बदल गया. उसे ‘हाइड्रोफोबिया’ के लक्षण दिखने लगे, जो रेबीज संक्रमण की सबसे खतरनाक और आखिरी स्टेज मानी जाती है. गाय पानी देखते ही उग्र हो जाती थी और अजीब हरकतें करने लगती थी. इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें गाय की तड़प साफ देखी जा सकती है. शनिवार शाम होते-होते गाय ने दम तोड़ दिया, और इसी के साथ पूरे गाँव में यह खबर फैल गई कि गाय रेबीज से संक्रमित थी।
गाय की मौत के बाद दूध पीने वाले करीब 12-15 लोग आनन-फानन में शिवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचे. डर के मारे लोग डॉक्टरों से गुहार लगाने लगे कि उन्हें बचा लिया जाए. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीएचसी अधीक्षक प्रेम शरण ने तुरंत सभी को ‘एंटी रेबीज’ इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी।
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि अगर कोई जानवर रेबीज से संक्रमित है, तो उसके दूध का सेवन करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है. वायरस दूध के जरिए इंसानी शरीर में पहुंच सकता है, खासकर अगर दूध को सही ढंग से उबाला न गया हो या शरीर में कहीं कोई छोटा सा घाव हो।
