HAPIDASKYNeX : 90 मिनट की कठिन दूरी 10-12 मिनट में HAPIDA SKYNeX :- HAPIDA SKYNeX उत्तराखंड की दुर्गम पहाड़ियों और कठिन रास्तों के बीच एक ऐसा धुरंधर चमत्कार हुआ है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर धाम के पास कफलीखान गांव निवासी युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने पूरी तरह बिजली से चलने वाली देश की पहली स्वदेशी सिंगल-सीटर उड़ने वाली कार HAPIDA SKYNeX का प्रोटोटाइप तैयार कर अल्मोड़ा में इसका सफल परीक्षण पूरा कर लिया है।
अल्मोड़ा के आर्मी हेलीपैड पर जब इस फ्लाइंग कार ने उड़ान भरी, तो देखने वाले हैरान रह गए। इस ऐतिहासिक सफलता पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने ट्वीट कर रवि टम्टा को बधाई दी और उनके नवाचार की जमकर सराहना की। रवि टम्टा ने बिना किसी औपचारिक इंजीनियरिंग डिग्री के, इंटरनेट और सेल्फ-स्टडी के जरिए ड्रोन तकनीक को गहराई से समझा।
रवि ने साल 2015 में उड़ने वाली कार बनाने का सपना देखा था।हैपिडा स्काई की स्थापना: उन्होंने अपने स्टार्टअप हापिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड (Hapida Sky Private Limited) के तहत लगातार 10 साल तक रिसर्च और प्रयोग किए।
अपग्रेटेड ड्रोन टेक्नोलॉजी: मौजूदा ड्रोन तकनीक को मॉडिफाई और री-डिजाइन कर ऐसा एयरक्राफ्ट बनाया गया जो 100 किलोग्राम से अधिक वजन वाले इंसान को सुरक्षित हवा में ले जाने में सक्षम है।
90 मिनट की कठिन दूरी 10-12 मिनट में HAPIDA SKYNeX
रवि टम्टा के मुताबिक, इस आविष्कार की मुख्य प्रेरणा पहाड़ों की भौगोलिक चुनौतियाँ और समय की बर्बादी थी वो कहते हैं कि अल्मोड़ा में मेरे गांव कफलीखान से घर तक की 40 किलोमीटर की सड़क दूरी तय करने में करीब 90 मिनट (डेढ़ घंटा) लग जाते थे। ‘HAPIDA SKYNeX’ पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल के जरिए यह सफर महज 10 से 15 मिनट में पूरा हो सकेगा।
HAPIDA SKYNeX की खासियतें
100% इलेक्ट्रिक और शून्य प्रदूषण: यह वाहन किसी भी तरह के पेट्रोल या एविएशन फ्यूल से नहीं, बल्कि लिथियम बैटरियों से चलता है। इससे कोई जहरीला धुआं नहीं निकलता।
हाई-स्पीड क्षमता: प्रोटोटाइप मॉडल हवा में करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने की क्षमता रखता है।
कम लागत में सफर: पारंपरिक हेलीकॉप्टर की तुलना में इसका मेंटेनेंस और ऑपरेटिंग खर्च बहुत कम है।
इमरजेंसी और आपदा में वरदान: पहाड़ों में लैंडस्लाइड, बाढ़ या आपदा के दौरान मेडिकल सप्लाई, मरीजों के एयर-इवेक्यूएशन और रेस्क्यू ऑपरेशन में यह गेम-चेंजर साबित होगा।
टूरिज्म को नई दिशा: हिमालयी इलाकों में हवाई सैर कराकर यह राज्य के पर्यटन उद्योग को पंख लगा सकता है।
CM पुष्कर सिंह धामी ने बढ़ाया हौसला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा की अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा जी को HAPIDA SKYNeX के सफल परीक्षण के लिए हार्दिक बधाई। आपकी यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि हमारे युवाओं में प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की कोई कमी नहीं है। आपका यह प्रयास पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू:
रवि टम्टा जैसे युवाओं को यह साबित करते देखना सुखद है कि प्रतिभा किसी भूगोल की मोहताज नहीं होती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का इनोवेशन इकोसिस्टम हर कोने से निखर कर सामने आ रहा है।
रवि टम्टा पहले भी कई अनोखे आविष्कार कर चुके हैं , टम्टा इससे पहले भी अपने देसी आविष्कारों के लिए चर्चा में रह चुके हैं
इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन (2019): इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहद कम समय में चार्ज करने वाली तकनीक का प्रदर्शन।
मोबाइल चार्जिंग शूज: पैदल चलते समय जूते से मोबाइल चार्ज करने वाला उपकरण।
वनकर्मियों के लिए स्मार्ट स्टिक: जंगलों में गश्त करने वाले वनकर्मियों के लिए GPS, टॉर्च और पावर बैंक से लैस खास छड़ी।
