Close Menu
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

DenguePrevention : डेंगू सीजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के दिए निर्देश

August 14, 2026

ChamoliTunnelAccident : घटना के बाद बचाव के लिए गए सभी 6 लोग भी सुरक्षित, अब तक 7 लोगों के दुःखद मृत्यु की सूचना

August 14, 2026

UttarakhandPolitics : उच्च सदन से हल्द्वानी तक गूंजा मंच शुद्धिकरण का मुद्दा

August 14, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Narad Post News
Youtube Login
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • देश
  • विदेश
  • यूथ
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
Narad Post News
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • सामाजिक
  • देश
  • विदेश
Home » नीलकंठ में शिवभक्तों का उमड़ा सैलाब
उत्तराखंड

नीलकंठ में शिवभक्तों का उमड़ा सैलाब

A huge crowd of Shiva devotees gathered in Neelkanth
Sponsored By: Ananya SahgalJuly 22, 2025No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp VKontakte Email
नीलकंठ में शिवभक्तों का उमड़ा सैलाब
नीलकंठ में शिवभक्तों का उमड़ा सैलाब
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
खबर को सुनें

नीलकंठ में शिवभक्तों का उमड़ा सैलाब: योगनगरी में प्रकृति की छटा श्रावण मास में और बढ़ जाती है। इस दौरान भगवान शिव की तपस्थली नीलकंठ महादेव मंदिर में जलाभिषेक का भी विशेष महत्व है। यहां जलाभिषेक के बाद आसपास के चंद्रेश्वर महादेव, सोमेश्वर महादेव व वीरभद्रेश्वर महादेव के दर्शन की भी परंपरा है। आप भी भगवान नीलकंठ महादेव के दर्शन के बाद आस्था की इस त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाएं।

ऋषिकेश से 26 किमी दूर पौड़ी जिले में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर की लोकप्रियता देशभर में है। मान्यता है कि भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष का पान किया था। विष की उष्णता अधिक होने के कारण उनके कंठ का रंग नीला पड़ गया। विष की उष्णता को शांत करने के लिए महादेव ने इस स्थान पर वर्षों तक तप किया। इसी कारण उन्हें नीलकंठ महादेव नाम से पुकारा जाने लगा।ऋषिकेश में 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित तीनों शिवालय चंद्रेश्वर महादेव, सोमेश्वर महादेव व वीरभद्रेश्वर महादेव भी भगवान भोलेनाथ की अद्भुत लीलाओं के साक्षी हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि नीलकंठ महादेव की यात्रा पर आने वाले शिवभक्तों को इन तीनों शिवालयों में भी जलाभिषेक जरूर करना चाहिए।

चंद्रेश्वर महादेव मंदिर

चंद्रभागा नदी के तट पर स्थित चंद्रेश्वर महादेव मंदिर आइएसबीटी से 2 किलोमीटर दूर है। मंदिर के महंत कृष्णा पुरी बताते हैं कि चंद्र देव को श्राप मिला था, जिससे उनकी काया जीर्ण-क्षीर्ण हो गई। श्राप से मुक्ति के लिए उन्होंने इस स्थान पर भगवान शिव की कठोर तपस्या की। इससे प्रसन्न होकर चंद्र देव को दर्शन दिए और उन्हें अपने मस्तक में धारण किया। भगवान की इसी लीला के कारण इस स्थल को चंद्रेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना गया।सोमेश्वर महादेव मंदिर
आईएसबीटी से 4 किलोमीटर की दूरी पर ऋषिकेश के गंगा नगर में स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में ऋषि सोम ने भगवान शिव का घोर तप किया था। इससे प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें दर्शन दिए और 11 रुद्रों को प्रकट किया। मान्यता है कि ये प्रथम सिद्ध पीठ है, जहां 11 वट वृक्ष मौजूद हैं। इन्हें 11 रुद्रों का स्वरूप माना गया है। इन वट वृक्षों के रूप में भगवान शिव की कृपा यहां भक्तों पर बरसती है।

वीरभद्रेश्वर महादेव मंदिर

वीरभद्रेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी आचार्य विनीत शर्मा के अनुसार, यह कथा प्रचलित है कि राजा दक्ष ने हरिद्वार के कनखल में महायज्ञ का आयोजन किया, जिसमें सभी देवी-देवता आमंत्रित थे। माता सती ने भी जब महायज्ञ में चलने का आग्रह किया तो भगवान शिव ने बगैर बुलावे जाने से मना कर दिया। इसके बाद जब माता सती अपने पिता दक्ष के यज्ञ में पहुंचीं तो वहां भगवान शिव के अपमान से क्रोधित हो गईं।इसके बाद उन्होंने यज्ञ कुंड में कूदकर अपने प्राणों की आहुति दे दी। भगवान शिव को जब यह पता चला तो उन्होंने रौद्र रूप धारण कर अपनी जटाओं से वीरभद्र को प्रकट किया। इसके बाद वीरभद्र ने दक्ष के सिर को धड़ से अलग कर दिया। इतना कुछ करके भी जब वीरभद्र का क्रोध शांत नहीं हुआ। तब भगवान शिव ने उन्हें शांत कराया और उनके साथ स्वयं भी लिंग रूप विराजमान हो गए। यह मंदिर वर्तमान में पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन है।

यहां भी कर सकते हैं दर्शन

शिवालयों में जलाभिषेक के साथ ऋषिकेश में भरत मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, शत्रुघ्न मंदिर, भूतनाथ मंदिर, परमार्थ निकेतन, गीता आश्रम आदि में भी दर्शन का लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा आस्था पथ की सैर करते हुए पतित पावनी गंगा की सुंदरता को भी निहार सकते हैं।

#DivineDestinations #LordShivaBlessings MahadevMagic NeelkanthMahadev RishikeshDiaries ShivBhaktTrail Shravan2025 SpiritualYatra
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email
Previous Articleक्या है वर्चुअल लैब? ऑनलाइन क्लास के बीच तेजी से बढ़ रही इसकी डिमांड
Next Article नाबार्ड उत्तराखण्ड ने धूमधाम से मनाया 44वां स्थापना दिवस
Narad Post

Related Posts

DrAshishChauhan : जश्न ए आज़ादी मनाएगा दून – भव्य होगा आयोजन – डॉ आशीष चौहान , DM

August 13, 2026

DehradunNews : खुलने जा रहा 132 एकड़ का राष्ट्रपति उद्यान

August 3, 2026

DehradunNews : बहू की संदिग्ध मौत , मनहूस कहने वाले ससुरालियो पर केस दर्ज

July 31, 2026

NandaKiChowki : नंदा की चौकी में 12 घंटे में लौटी रफ्तार

July 29, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

Advt.
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1-1.mp4
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1-1.mp4
//

“Narad Post” निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
Don't Miss
उत्तराखंड

DenguePrevention : डेंगू सीजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के दिए निर्देश

By Narad PostAugust 14, 20260

DenguePrevention : डेंगू सीजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के दिए निर्देश :-…

ChamoliTunnelAccident : घटना के बाद बचाव के लिए गए सभी 6 लोग भी सुरक्षित, अब तक 7 लोगों के दुःखद मृत्यु की सूचना

August 14, 2026

UttarakhandPolitics : उच्च सदन से हल्द्वानी तक गूंजा मंच शुद्धिकरण का मुद्दा

August 14, 2026

MinistryOfExternalAffairs : सऊदी में फंस उत्तराखंडी – धामी ने जयशंकर को लिखा पत्र

August 14, 2026
Contact:

Ananya Sahgal, Editor
Address: 75A, Friends Plaza Rajpur Road Dehradun Uttarakhand
Phone: +918218446859
Email: naradpostuk@gmail.com

About Us
About Us

"Narad Post" निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो
© 2026 Developed By: Tech Yard Labs.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?