CBSEBigDecision : थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर CBSE का बड़ा फैसला :- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लागू किए जा रहे थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर सीबीएसई ने बड़ा फैसला लिया है। अब छात्रों को तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि 7वीं, 8वीं, 9वीं और मौजूदा 10वीं के छात्रों पर नया थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला लागू नहीं होगा।
यानी इन बैचों के छात्रों की पढ़ाई पहले से तय व्यवस्था के अनुसार ही जारी रहेगी।सीबीएसई ने गाइ़डलाइन जारी करते हुए कहा कि नई भाषा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इससे छात्रों की पढ़ाई पर अचानक कोई असर न पड़े। इसके लिए कक्षा के स्तर के अनुसार आवश्यक अध्ययन सामग्री भी तय समय सीमा के अंदर दी जाएगी।
तीन-भाषा पॉलिसी पर गाइडलाइन के मुख्य बिंदुः-
क्लास X के मौजूदा बैच को नई भाषा पॉलिसी नहीं माननी होगी।
क्लास VII, VIII और IX में पढ़ने वाले मौजूदा बैच को क्लास X में जाने पर तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा देने की ज़रूरत नहीं होगी।
क्लास VII, VIII, IX के मौजूदा बैच जिन्होंने पहले ही 2 विदेशी भाषाएँ ले ली हैं, वे एक और भारतीय भाषा (भारतीय भाषा) के साथ वही जारी रखेंगे।
ग्रेड के हिसाब से रिसोर्स मटीरियल समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।
भाषा सीखना मतलब वाला, दिलचस्प और सीखने वाला होगा ताकि पूरे विकास में मदद मिल सके।
10वीं के बच्चों को छूट, 7वीं-8वी और 9वीं के छात्रों को भी राहत
10वीं के मौजूदा छात्रों पर इस नई पॉलिसी लागू नहीं होगी। उन्हें पहले की तरह अपनी पढ़ाई पर फोकस करेंगे। जो छात्र अभी कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं में हैं, उन्हें भी आगे चलकर 10वीं क्लास में तीसरी भाषा का बोर्ड एग्जाम देने की कोई जरूरत नहीं होगी।
अगर 7वीं, 8वी और 9वीं में पढ़ रहे मौजूदा बैच के छात्रों की बात करें, तो गाइडलाइन के तहत उन्हें भी आगे चलकर 10वीं में थ्री-लैंग्वेज की परीक्षा नहीं देनी होगी। इस फैसले से बच्चों का रहत मिली है।
