Close Menu
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

SchoolReconstruction : विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण व नये कक्षा-कक्षों के लिये 274 लाख स्वीकृत

February 14, 2026

RahulGandhi : पीयूष गोयल ने राहुल गांधी को ‘आदतन झूठा’ कहा, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उनके दावों का खंडन किया

February 14, 2026

SolarEclipse2026 : आकाश में दिखेगा आग का छल्ला

February 14, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Narad Post News
Youtube Login
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • देश
  • विदेश
  • यूथ
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
Narad Post News
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • सामाजिक
  • देश
  • विदेश
Home » जुगनू पर संकट: क्या उजड़ेगा इसका भविष्य?
Uncategorized

जुगनू पर संकट: क्या उजड़ेगा इसका भविष्य?

It feels like watching the twinkling of fireflies.
Sponsored By: KABIR SINGHJanuary 10, 2025No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp VKontakte Email
जुगनू
जुगनू
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
खबर को सुनें

जुगनू पर संकट  क्या उजड़ेगा इसका भविष्य : जुगनुओं की टिमटिमाहट देख ऐसा लगता है मानो धरती पर तारे उतर आए हैं. आपने कई बार इन्हें पकड़ने की कोशिश भी जरूर की होगी. यूं तो जुगनू शहरों में कम ही दिखाई पड़ते हैं लेकिन अब गांवों में भी इनकी संख्या कम होती जा रही है. रात में झाड़ियों के झुरमुट और पेड़ों पर चमकने वाले इन छोटे कीटों (Fireflies) के अस्तित्व पर अब खतरा मंडरा रहा है. इसका कारण प्रदूषण और हरियाली कम होना है. एक रिसर्च में इसे लेकर बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आइए जानते हैं इस रिसर्च के बारें में…

SGRR की निधी राणा ने की रिसर्च खुलासा चौंकाने वाला 

बायो इंडिकेटर में से एक जुगनू रात में चमकते हैं. देखने में पतले और चपटे स्लेटी रंग के होते हैं. इनकी आंखें बड़ी और पैर छोटे-छोटे होते हैं. दो छोटे-छोटे पंख की मदद से ये उड़ते हैं. जुगनू जमीन अंदर और पेड़ों की छालों में अंडे देते हैं. यह मुख्य रूप से वनस्पति और छोटे कीटों को खाते हैं. जुगनू हमारे फल-सब्जियों को कीटों से बचाने का भी काम करते हैं. हालांकि, इन पर भी प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है, जो इनके अस्तित्व को खत्म कर रहा है.

क्या कहती है रिसर्च

जुगनुओं को लेकर अभी तक ज्यादा रिसर्च नहीं हुए हैं. भारतीय वन्य जीव संस्थान (WII) ने इस पर एक स्टडी की है. संस्थान के शोधकर्ताओं ने SGRR यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर इस तरह का पहला रिसर्च पेपर पब्लिश किया है. दून घाटी में किए गए शोध में पाया गया है कि शहरी क्षेत्र में जुगनुओं की संख्या वन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी कम हो गया है.

बढ़ता प्रदूषण और कम हरियाली इसके लिए जिम्मेदार है. ये रिसर्च पेपर रिसर्च स्कॉलर निधि राणा ने भारतीय वन्य जीव संस्थान के तत्कालीन वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. वीपी उनियाल और SGRR यूनिवर्सिटी के जन्तु विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. रयाल के मार्गदर्शन में किया है. शोध को देश के प्रतिष्ठित इंडियन फॉरेस्टर जनरल  में पब्लिश किया गया है.

जुगनुओं की 6 प्रजातियों पर मंडरा रहा खतरा

निधी राणा के अनुसार, दून घाटी में जुगनुओं 6 प्रजातियां पाई गई हैं. जहां जुगनुओं की संख्या शहरों से काफी ज्यादा है. शहरी क्षत्र में जुगनुओं की संख्या वन्य क्षेत्रों के मुकाबले न के बराबर हैं. इससे पता चलता है कि बढ़ते प्रदूषण और घटती हरियाली के कारण जुगनुओं के अस्तित्व पर संकट है. अगर यही स्थिति बनी रहती है तो आने वाली पीढ़ी जुगनुओं को नहीं देख पाएगी.

#india Biodiversity Crisis.WildlifeConservation EndangeredSpecies EnvironmentalAwareness GreenFutur Jugnu narad post NARAD POST BREAKING Narad Post News NaturalPreservation news SaveInsects WildlifeProtection
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email
Previous Articleनदी की गरिमा को सम्मान: गंगा आरती में शामिल देश-विदेश के श्रद्धालु
Next Article 12वीं का छात्र गिरफ्तार
Narad Post

Related Posts

RahulGandhi : पीयूष गोयल ने राहुल गांधी को ‘आदतन झूठा’ कहा, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उनके दावों का खंडन किया

February 14, 2026

SolarEclipse2026 : आकाश में दिखेगा आग का छल्ला

February 14, 2026

RajpalYadav : राजपाल यादव के समर्थन में फिल्मी सितारे और नेता आगे आए

February 12, 2026

VandeMataram : राष्ट्रगान की तरह अब वंदे मातरम हुआ अनिवार्य

February 12, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

Advt.
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1-1.mp4
Advt.
https://naradpost.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1-1.mp4
//

“Narad Post” निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
Don't Miss
देहरादून

SchoolReconstruction : विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण व नये कक्षा-कक्षों के लिये 274 लाख स्वीकृत

By Narad PostFebruary 14, 20260

SchoolReconstruction : विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण व नये कक्षा-कक्षों के लिये 274 लाख स्वीकृत :- …

RahulGandhi : पीयूष गोयल ने राहुल गांधी को ‘आदतन झूठा’ कहा, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उनके दावों का खंडन किया

February 14, 2026

SolarEclipse2026 : आकाश में दिखेगा आग का छल्ला

February 14, 2026

CBSE : 1,00,44,295 डिजिटल स्क्रीन में चेक होंगी कापियां

February 14, 2026
Contact:

Ananya Sahgal, Editor
Address: 75A, Friends Plaza Rajpur Road Dehradun Uttarakhand
Phone: +918218446859
Email: naradpostuk@gmail.com

About Us
About Us

"Narad Post" निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों का स्रोत है, जो राजनीति, समाज, व्यापार और मनोरंजन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सच्चाई और तथ्यपूर्ण जानकारी को निडर पत्रकारिता के माध्यम से आप तक पहुँचाना है।

Our Picks
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • देश
  • विदेश
  • वीडियो
© 2026 Developed By: Tech Yard Labs.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?