LandslideUttarakhand : बारिश से पिंडरघाटी में सड़कें बंद मलबे में फंसे 50 से अधिक वाहन :- उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग पर भूस्खलन की बढ़ रहा हैं।
मार्ग पर जगह-जगह मलबा और बोल्डर आने से यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। इसका असर भगवान शिव-पार्वती के विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध त्रियुगीनारायण पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और विवाह समारोहों में शामिल होने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है।
रविवार देर रात हुई बारिश के बाद बड़ा सांगू क्षेत्र में भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। सड़क बंद होने के कारण राहगीरों को काफी दूरी तक पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
गुजरात और महाराष्ट्र से आए कुछ श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिनका त्रियुगीनारायण मंदिर में विवाह समारोह निर्धारित था। स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के दौरान इस मार्ग पर लगातार मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे यातायात बार-बार प्रभावित हो रहा है।
उनका कहना है कि संबंधित विभाग ने जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण गधेरों का पानी सीधे सड़क पर आ रहा है। इससे चट्टानें खिसक रही हैं और मलबा सड़क पर फैल रहा है, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश से पिंडरघाटी में सड़कें बंद मलबे में फंसे 50 से अधिक वाहन
रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश से पिंडरघाटी के नारायणबगड़, थराली और देवाल ब्लॉकों में कई मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गए, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया। देवाल ब्लॉक में देवाल-खेता मानमती समेत कई सड़कें बंद होने से 50 से अधिक वाहन बीच रास्ते में फंस गए।12 घंटे बाद यातायात के लिए खोला गया वहीं थराली-डुंग्री मोटर मार्ग करीब 12 घंटे बाद यातायात के लिए खोला गया।
मार्ग बंद रहने से सोल घाटी के 16 गांवों के करीब 10 हजार लोग प्रभावित हुए। नंदकेशरी-जौला मोटर मार्ग पर चालकों ने स्वयं मलबा हटाकर आवाजाही बहाल करने का प्रयास किया।
देवाल बाजार के पास भूस्खलन से खतरा नारायणबगड़ में नलगांव-कफारतीर-भटियाणा मोटर मार्ग पिछले एक सप्ताह से बंद है, जिससे लोगों को ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए 25 से 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता डीएस भंडारी ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। वहीं, देवाल बाजार के पास भूस्खलन से आसपास के भवनों पर भी खतरा बना हुआ है।
रविवार 6 जुलाई की रात से ही रुद्रप्रयाग जिले में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। इससे जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के चलते विश्व प्रसिद्ध त्रियुगीनारायण मंदिर को जोड़ने वाला सड़क मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है।
बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर जमा हो गया है, जिसके कारण गाड़ियां मंदिर तक नहीं जा पा रही हैं। ऐसे में त्रियुगीनारायण मंदिर में शादी करने आए दूल्हा-दुल्हन अपने बारातियों और अन्य श्रद्धालुओं के साथ गाड़ी से उतरकर पैदल ही मंदिर की तरफ बढ़ गए। सड़क पर आए मलबे को पार करते हुए सभी लोग मंदिर पहुंचे।
परेशानियां झेली, लेकिन मुहुर्त पर पहुंच गए मंदिर
बारिश के कारण कई जगहों पर सड़क टूट गई, जबकि कुछ जगहों पर बरसाती नाले के साथ भारी मात्रा में मलबा सड़क पर जम हो गया। ऐसे में सड़क की दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग गई।
मजबूरी में दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजनों को शादी के जरूरी सामान के साथ कठिक परिस्थितियों के बावजूद पैदल मार्ग से जाना पड़ा। अच्छी बात ये रही कि इतनी मुसीबतों के बावजूद दूल्हा-दुल्हन और बाराती मुहूर्त से पहले ही त्रियुगीनारायण मंदिर पहुंच गए।
इसके बाद मंदिर में उनके विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं। हालांकि, कई बारातियों को मंदिर परिसर तक पहुंचने के भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
