PanditDemandUSA : त्योहारों से पहले अमेरिका में पंडित जी की बढ़ी डिमांड :- अमेरिका में रहने वाले भारतीय शुभ अवसरों पर पूजा करवाने की परंपरा को आज भी निभा रहे हैं. यही कारण है कि वहां छोटी-छोटी रस्मों के लिए भी पंडितों को बुलाया जाता है. जब कोई भारतीय परिवार नई कार खरीदता है, तो उसकी पूजा करवाना आम बात मानी जाती है।
इसी तरह नया घर खरीदने पर गृह प्रवेश पूजा भी करवाई जाती है. गृह प्रवेश जैसे कार्यक्रमों में कई घंटे लग सकते हैं और इसके लिए पंडितों को अच्छी फीस दी जाती है. कुछ मामलों में यह फीस सैकड़ों डॉलर तक पहुंच जाती है. वहीं बड़े घरों या विशेष धार्मिक आयोजनों का बजट और ज्यादा हो सकता है।
नवरात्र, दिवाली, जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारों के दौरान पंडितों का शेड्यूल पूरी तरह व्यस्त हो जाता है. अमेरिका के बड़े शहरों में भारतीय समुदाय की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसके साथ ही मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं की गतिविधियां भी बढ़ी हैं. त्योहारों के समय कई मंदिरों में विशेष हवन, कथा और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
ऐसे में पंडितों को एक ही दिन में कई कार्यक्रमों में शामिल होना पड़ सकता है. इन दिनों उनकी मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा रहती है।
अमेरिका में छोटे से लेकर बड़े धार्मिक अनुष्ठानों तक के लिए पंडितों को अच्छी फीस दी जाती है. पूजा का प्रकार, समय और स्थान के हिसाब से पंडित का बजट अलग-अलग हो सकता है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मिली जानकारी के अनुसार, सत्यनारायण कथा और पूजा के लिए आमतौर पर 300 से 350 डॉलर तक फीस ली जाती है।
इसको अगर भारतीय रुपये में देखें तो यह करीब 25 हजार से 30 हजार रुपये के आसपास बैठती है. कई बार मंदिर या पूजा के स्थान का पैसा अलग से देना पड़ता है. अगर पूजा की सामग्री मंदिर या पंडित की तरफ से उपलब्ध कराई जाती है, तो उसके लिए एक्स्ट्रा पैसे देने पड़ सकते हैं. इस तरह एक सामान्य धार्मिक कार्यक्रम की कुल लागत कई सौ डॉलर तक पहुंच जाती है।
भारतीय समुदाय में शादी केवल एक समारोह नहीं, बल्कि कई धार्मिक रस्मों का एक साथ होना माना जाता है. यही वजह है कि विवाह कार्यक्रमों में पंडितों की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है।
अमेरिका में भारतीय शादियां अक्सर कई दिनों तक चलती हैं. इनमें गणेश पूजा, हल्दी, फेरे, हवन और अन्य धार्मिक रस्में शामिल होती हैं. ऐसे कार्यक्रमों में पंडितों की फीस सामान्य पूजा की तुलना में काफी ज्यादा होती है. कई बार उन्हें यात्रा, रहने और खाने की व्यवस्था भी अलग से दी जाती है. यही कारण है कि विवाह समारोह पंडितों की कमाई का अच्छा स्रोत माने जाते हैं।
